उत्तराखंड: शिक्षा महकमे का एक और कारनामा, इंग्लिश टीचर के ज्ञान पर उठे सवाल, वायरल पेपर में गलतियों की भरमार
उत्तराखंड: सरकारी स्कूल का इंग्लिश पेपर वायरल, विवाद
देहरादून, 6 अगस्त। उत्तराखंड का शिक्षा महकमा एक बार फिर सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोर रहा है। शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में मंथली टेस्ट कराता है। जिसके कुछ अंग्रेजी विषय के पेपर सोशल मीडिया मे वायरल हो रहे हैं। इन पेपर में सेंटेंस और ग्रामर की ढेर सारी गलतियां बताई जा रही है। सोशल मीडिया में क्वेश्चन पेपर वायरल होने के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंच गया, जिसके बाद जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

कक्षा छठवीं, 11वीं और 12वीं का इंग्लिश विषय का पेपर वायरल
कक्षा छठवीं, 11वीं और 12वीं का इंग्लिश विषय का पेपर वायरल
उत्तराखंड शिक्षा विभाग की और से हर महीने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए मासिक परीक्षा आयोजित करवाई जाती है, जो कि एससीईआरटी के द्वारा आयोजित होती है। इन पेपर को एससीईआरटी डायट के माध्यम से तैयार करवाती है। अब मासिक परीक्षा के सोशल मीडिया में ऐसे ही 3 क्वेश्चन पेपर वायरल हो रहे हैं। जो कि अंग्रेजी विषय के हैं। जिसमें कई गलतियां पाई गई है। कक्षा छठवीं, 11वीं और 12वीं का इंग्लिश विषय के पेपर वायरल हो रहे हैं। इंग्लिश के पेपर में सेंटेंस और ग्रामर की ढेर सारी गलतियां पेपर में पाई गई है।

शिक्षा महकमे में भी पेपर खूब चर्चा के विषय बने
इधर सोशल मीडिया में उत्तराखंड के शिक्षा महकमे में भी ये पेपर खूब चर्चा के विषय बने हुए हैं। विभाग के अंदर ये भी चर्चा हो रही है कि पेपर के सोशल मीडिया में वायरल होने पर खुद शिक्षक भी चुटकी लेते हुए पेपर तैयार करने वालों पर तंज कस रहे हैं। इतना ही नहीं पेपर में की गई गलितियों को सर्किल बनाकर शिक्षक की गलतियों को उजागर किया जा रहा है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद ये भी सवाल उठ रहे हैं कि जब खुद शिक्षक पेपर को बनाने में इस तरह की गलतियां कर सकते हैं, तो फिर सरकारी स्कूलों के बच्चों का भविष्य क्या होगा।

एससीईआरटी का कहना है,जांच कराई जा रही है
एससीईआरटी के निदेशक सीमा जौनसारी का कहना है कि इसको लेकर जांच कराई जा रही है कि यह पेपर किस डाइट के द्वारा तैयार किया गया था और किसके द्वारा पेपर की रूपरेखा तैयार की गई थी।

शिक्षा महानिदेशक ने दिए जांच के निर्देश
शिक्षा महानिदेशक ने दिए जांच के निर्देश
मामला शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी के संज्ञान में लाया गया है। उन्होंने जांच के निर्देश दे दिए हैं। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी का कहना है कि यह गंभीर प्रकरण है, इस तरह की गलती माफ नहीं की जा सकती है।












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