Uttarakhand: गर्मी बढ़ते ही उत्तराखंड कांग्रेस में चढ़ा सियासी पारा, खींचतान के साथ ही उलटफेर के भी संकेत
उत्तराखंड कांग्रेस में सियासत का पारा अचानक से चढ़ने लगा है। कांग्रेस के अंदर कई दिनों से चल रही खींचतान को लेकर अंदरखाने कई तरह की चर्चा हो रही है। जिसमें उलटफेर होने के भी संकेत मिल रहे हैं।

उत्तराखंड में एक तरफ गर्मी अपना असर दिखाने लगी है दूसरी तरफ सियासत का पारा भी अचानक से चढ़ने लगा है। कांग्रेस के अंदर कई दिनों से चल रही खींचतान को लेकर अंदरखाने कई तरह की चर्चा हो रही है। जिसमें कांग्रेस में उलटफेर होने के भी संकेत मिल रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष का एक साल का कार्यकाल पूरा
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने एक साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। लेकिन कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान थमने का नाम नहीं ले रहा है। कभी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के खिलाफ मोर्चा खोलने तो कभी पार्टी के अंदर एक क्षेत्र विशेष को ही अधिक प्रतिनिधित्व मिलने का विरोध अंदरखाने जारी है। एक साल पहले जब पार्टी हाईकमान ने करन माहरा को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी तो सीनियर नेताओं में इसको लेकर नाराजगी देखी गई।
प्रीतम खेमा पार्टी के फैसले के विरोध में
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को बनाने के बाद प्रीतम खेमा पार्टी के इस फैसले के विरोध में ही नजर आ गया। समय-समय पर प्रीतम सिंह ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के खिलाफ मोर्चा खोला। इस बीच बीते दिनों कांग्रेस के विधायक तिलकराज बेहड़ ने भी पार्टी के एक ही क्षेत्र विशेष को प्रतिनिधित्व देने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने सभी क्षेत्र को प्रतिनिधित्व को संतुलन बनाने की बात कही। इस बीच प्रीतम सिंह ने भी प्रदेश प्रभारी के खिलाफ मोर्चा खोला और दिल्ली जाकर सीनियर नेताओं से अपनी बात रखी।
तिलकराज बेहड़ की भाजपा के सीनियर नेताओं से मुलाकात के सियासी मायने
इधर तिलकराज बेहड़ की भाजपा के सीनियर नेताओं से मुलाकात के सियासी मायने तलाशे जाने लगे। तिलकराज बेहड़ से मिलने वालों में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट और गणेश जोशी शामिल थे। जो कि बेहड़ से भाजपा नेताओं की बढ़ती नजदीकियां बताई गई। हालांकि कांग्रेसियों का कहना था कि बेहड़ के स्वास्थ्य लाभ लेने के दौरान इस तरह की मुलाकात सामान्य है।
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदर बड़े उलटफेर की भी चर्चा
लेकिन कुछ ही दिन में हरीश रावत भी बेहड़ से मुलाकात करने पहुंचे। जिससे इस बात के संकेत मिले कि कांग्रेस के अंदर कुछ तो घटनाक्रम होने वाला है। ऐसे में आने वाले दिनों में कांग्रेस के अंदर किसी तरह की बड़े सियासी घटनाक्रम को लेकर भाजपा के अंदरखाने तेजी से चर्चा है। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदर बड़े उलटफेर की भी चर्चा हो रही है।
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