Tungnath Dham temple: 2 मई को खुलेंगे सबसे ऊँचे शिव मंदिर के कपाट, मदमहेश्वर के कपाट खुलने की तिथि का भी ऐलान
Tungnath Dham temple: विश्व के सबसे ऊँचे शिव मंदिर तुंगनाथ धाम के कपाट 2 मई को खुलेंगे। जबकि द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाट 21 मई को खुलेंगे। तुंगनाथ के कपाट शुक्रवार 2 मई को मिथुन लग्न में पूर्वाह्न 10 . 15 ( सवा दस) बजे खोले जायेंगे।
तुंगनाथ बाबा के शीतकालीन प्रवास मर्करेटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में आयोजित कार्यक्रम में आचार्य पुजारी विजय भारत मैठाणी ने कपाट खुलने की तिथि घोषित की।वहीं पंच केदारों में द्वितीय केदार के नाम से विश्व विख्यात भगवान मदमहेश्वर के कपाट 21 मई को खोले जायेंगे।

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। गंगोत्री, यमुनोत्री के कपाट 30 अप्रैल को खुलेंगे। इसके बाद दो मई को केदारनाथ और 4 मई को बदरीनाथ के कपाट खुलने हैं। चार धाम के साथ ही उत्तराखंड में पंच केदार भी आस्था के प्रतीक हैं। जिनके दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
पंच केदार में से एक तुंगनाथ सबसे ज्यादा ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव का पवित्र धाम है।
Tungnath Dham temple
वहीं पंच केदारों में द्वितीय केदार के नाम से विश्व विख्यात भगवान मदमहेश्वर के कपाट 21 मई को खोले जायेंगे। आज बेशाखी पर्व पर कपाट खोलने व चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी ॐकारेश्वर मन्दिर से कैलाश रवाना होने की तिथि शीतकालीन गद्दी ॐकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ में पंचाग गणना के अनुसार घोषित कर दी गयी है।
18 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव मूर्तियां ॐकारेश्वर मन्दिर से सभा मण्डप मे विराजमान होगी तथा 19 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर से धाम के लिए रवाना होगी तथा विभिन्न यात्रा पडा़वो पर श्रद्धालुओ को आशीर्वाद देते हुए 21 मई को मदमहेश्वर धाम पहुंचेगी तथा भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के धाम पहुंचने पर मदमहेश्वर धाम के कपाट वेद ऋचाओ के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेंगे।
Madmaheshwar temple
वहीं पंच केदारों में द्वितीय केदार के नाम से विश्व विख्यात भगवान मदमहेश्वर के कपाट 21 मई को खोले जायेंगे। आज बेशाखी पर्व पर कपाट खोलने व चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी ॐकारेश्वर मन्दिर से कैलाश रवाना होने की तिथि शीतकालीन गद्दी ॐकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ में पंचाग गणना के अनुसार घोषित कर दी गयी है। 18 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव मूर्तियां ॐकारेश्वर मन्दिर से सभा मण्डप मे विराजमान होगी तथा 19 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर से धाम के लिए रवाना होगी तथा विभिन्न यात्रा पडा़वो पर श्रद्धालुओ को आशीर्वाद देते हुए 21 मई को मदमहेश्वर धाम पहुंचेगी तथा भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के धाम पहुंचने पर मदमहेश्वर धाम के कपाट वेद ऋचाओ के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेंगे।












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