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पूर्व सीएम हरीश रावत के इस बयान ने अब खड़ा किया बखेड़ा, पीएम की सुरक्षा में चूक को लेकर कह दी बड़ी बात

हरीश रावत का पहले बयान आया कि आधे घंटे देर हो जाती, तो कौन सा बम फूट पड़ता

देहरादून, 8 जनवरी। पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले में पूर्व सीएम हरीश रावत के एक बयान ने बखेड़ा खड़ा कर दिया है। हरीश रावत का पहले बयान आया कि आधे घंटे देर हो जाती, तो कौन सा बम फूट पड़ता है। विवाद बढ़ते देख हरीश रावत ने बयान को तोड़मरोड़ कर पेश करने की बात कहकर मामले को शांत कराने की कोशिश में लग कर बैकफुट पर आ गए हैं। जिसके बाद हरीश रावत भाजपा के निशाने पर भी गए हैं।

पंजाब और उत्तराखंड में गरमाई सियासत

पंजाब और उत्तराखंड में गरमाई सियासत

5 राज्यों में जल्द ही चुनाव की घोषणा होने वाली है। जिसमें पंजाब और उत्तराखंड दोनों राज्य हैं। इन राज्यों में भाजपा, कांग्रेस दोनों दलों में कड़ी टक्कर है। ऐसे में दोनों राज्यों के मुद्दे पर कांग्रेस भाजपा आमने सामने आ रहे हैं। हाल ही में पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले ने चुनावी राज्यों के लिए एक नया मुद्दा दे दिया। जिसके बाद लगातार आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। इधर पूर्व सीएम हरीश रावत ने एक बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। इसके बाद हरीश रावत ने बयान जारी कर कहा कि

प्रधानमंत्री की सुरक्षा सेंट्रल एजेंसी जिनमें आई.बी., एस.पी.जी. सब सम्मिलित हैं और राज्य पुलिस, इनका सम्मिलित दायित्व है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में जब बदलाव हुआ, उन्होंने सड़क मार्ग से जाने का निश्चय किया तो सारे मार्ग को प्रॉपरली तरीके से सैनिटाइज किया जाना चाहिए था और किसानों के आंदोलन की स्थिति, और उनके द्वारा दी गई चेतावनी के संदर्भ में इसको रिकंफर्म कर लिया जाना चाहिए था कि ऐसी संभावना तो पैदा नहीं होगी! कि कोई मार्ग में आकर के अवरोध पैदा करे, ऐसा नहीं हुआ। ये कहीं न कहीं पर एक सामूहिक सुरक्षा चूक है, जिस चूक में प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सेंट्रल एजेंसीज भी हैं, यहां तक की उस क्षेत्र के अंदर जो प्रभावी है बी.एस.एफ. जिसको वहां की सुरक्षा का ओवरऑल मामला केंद्र सरकार ने सौंपा है 50 किलोमीटर दायरे की सीमा के अंदर उनको भी इस बात को देखना चाहिए था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। मैंने कहा कि यदि आधा घंटा और समय ले लेते, प्रधानमंत्री का कारवां आधा घंटा देर से प्रारंभ होता तो ऐसी स्थिति नहीं आती और यदि आधा घंटा विलंब हो जाता तो कोई बादल नहीं फट पड़ता, कोई बम नहीं फट पड़ता। मैं समझता हूँ इस सामान्य से बयान को जो लोग राजनीतिक करण करने की कोशिश कर रहे हैं वो कृपा करके मेरे पूरे बयान को देखें, यदि मेरे पूरे बयान मे ऐसा कोई इंटेंशन लगता है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा को अंडरमाइंड करने की कोशिश कर रहा हूंँ, तो मैं सारे देश से क्षमा मांगने के लिए तैयार हूं।

भाजपा ने की ​बयान की उच्चस्तरीय जांच की मांग

भाजपा ने की ​बयान की उच्चस्तरीय जांच की मांग

पीएम मोदी के सुरक्षा में हुई चूक प्रकरण पर पूर्व सीएम हरीश रावत के विवादस्पद बयान की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कडी भत्सर्ना करते हुए उनके इस बयान को भी उच्चस्तरीय जांच के दायरे में लाने की मांग की हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हरीश रावत पंजाब के प्रभारी रहे है और चन्नी को सीएम बनाने में उनका विशेष योगदान रहा है। लिहाजा ऐसे मौके पर हरीश रावत का यह कहना कि पीएम आधे घण्टे और इंतजार करते तो क्या बम फूट जाता, साफ ईशारा करता है कि उनकी भुमिका संदिग्ध प्रतीत होती है लिहाजा प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर होने वाली उच्च स्तरीय जांच में हरीश रावत को भी शामिल किया जाना चाहिए।

चुनाव में बनेगा सियासी मुद्दा

चुनाव में बनेगा सियासी मुद्दा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखण्ड भाजपा मांग करती है कि इस प्रकरण की जांच में हरीश रावत के बयान को भी संज्ञान में लेकर पूछताछ होनी चाहिए। उन्होने किस परिपेक्ष्य में यह बात कही और इस घटना को लेकर उनके पास और क्या-क्या जानकारी है। इस सम्बंध में पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति का राज्यपाल के माध्यम से ज्ञापन दिया गया है। जिसमे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सुरक्षा में हुई चूक प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। उन्होने कहा कि राजनैतिक विद्वेष से किया गया यह षडयंत्र और कांग्रेसी नेताओं विशेषकर उत्तराखण्ड में सीएम बनने की जल्दी रखने वाले हरीश रावत के गैर-जिम्मेदराना बयान साफ चेतावनी है कि आने वाले दिनों में अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में भी इस तरह की घटनाएं हो सकती है। अफसोस तब अधिक होता है जबकि उनकी पार्टी के दो दो प्रधानमंत्री आंतकवादी घटनाओं में शहीद हुए हों। चुनाव से ठीक पहले भाजपा और कांग्रेस इस मुद्दे को सियासी रंग देने में जुटे हैं। जिसका हर कोई सियासी लाभ चुनाव में लेने की कोशिश में जुट गए हैं।

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