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सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने की बदरीनाथ धाम पर विवादित टिप्पणी, सीएम धामी ने कहा- सोच देश और धर्म विरोधी

स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान की निंदा करते हुए उनकी सोच को देश और धर्म विरोधी बताया है।

Samajwadi Party leader Swami Prasad Maurya समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित टिप्पणी को लेकर एक बार फिर बवाल मचा हुआ है। सपा नेता मौर्य ने हिंदू धार्मिक स्थलों खासकर बद्रीनाथ धाम को लेकर टिप्पणी की थी। मौर्य ने दावा किया था कि बद्रीनाथ धाम पहले बौद्ध मठ था और उसे तोड़कर हिंदू मंदिर बनाया गया।

Samajwadi Party leader Swami Prasad Maurya controversial remarks Badrinath Dham, CM pushkar Dhami

स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान की निंदा करते हुए उनकी सोच को देश और धर्म विरोधी बताया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महागठबंधन में शामिल समाजवादी पार्टी के नेता का बयान ये दर्शाता है कि उनके सहयोगी दलों और उनकी सोच देश और धर्म विरोधी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम को लेकर की गई टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है। जो बद्रीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे धार्मिक स्थल को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना निंदनीय है। धामी ने आगे कहा कि ये दर्शाता है कि विपक्षी दलों में सिमी (SIMI) और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की विचारधारा है।

ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में एसआई सर्वे को लेकर जब स्वामी प्रसाद मौर्य से सवाल जबाव किया गया तो स्वामी प्रसाद मौर्य ने ज्ञानवापी मंदिर मस्जिद परिसर के सर्वे को लेकर ही नाराजगी जताते हुए बद्रीनाथ धाम पर विवादित टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि आखिर क्यों मस्जिद में ही सर्वे किया जा रहा है। मैं कई ऐसे हिंदू धार्मिक स्थलों को जानता हूं जो कि पहले जो कि बौद्ध मठों को तोड़कर बनाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि "8वीं शताब्दी तक बदरीनाथ धाम भी बौध मठ था, आदि शंकराचार्य ने उसे हिन्दू मंदिर बनाया। उनके इसी बयान को लेकर अब सियासत तेज हो गई है।

स्वामी प्रसाद मौर्य इससे पहले कई विवादित बयान दे चुके हैं। एक बयान में मौर्य ने कहा था कि तुलसीदास रचित रामचरितमानस को प्रतिबंधित करना चाहिए। जिस साहित्य में पिछड़ों और दलितों को गाली दी गई हो उसे प्रतिबंधित होना चाहिए। मौर्य के इस बयान पर भी जमकर बवाल हो चुका है।

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