सहस्त्रताल ट्रैक पर गए 22 लोग खराब मौसम में फंसे,चार की मौत, 6 को बचाया, अभी जारी है रेस्क्यू अभियान
टिहरी व उत्तरकाशी के बीच सहस्त्रताल ट्रैक पर 22 लोग खराब मौसम की वजह से लापता हो गए। इनमें कनार्टक के 18 और महाराष्ट्र का एक ट्रैकर्स जबकि तीन स्थानीय गाइड शामिल थे।
जिसमें से चार सदस्यों की मौत हो गई। ट्रैक में फंसे 13 लोगों के लिए एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चलाया है।

इनमें से भी 6 ट्रैकर्स को सुरक्षित हेलीकॉप्टर से उत्तरकाशी और देहरादून पहुंचाया गया है। अब 7 ट्रैकर्स को रेस्क्यू करने का अभियान जारी है।
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प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार सहस्त्रताल ट्रैक में फंसे ट्रैकरों के रेस्क्यू के लिए उत्तराखंड की पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। एसडीआरएफ की 02 टीमें रवाना की गई है, जबकि एक टीम को बेकअप में रखा गया है।
हिमालयन व्यू ट्रैकिंग ऐजेंसी, मनेरी के द्वारा मल्ला-सिल्ला-कुशकल्याण-सहस्त्रताल ट्रैक पर एक 22 सदस्यीय ट्रैकिंग दल जिसमें कनार्टक के 18 सदस्य एवं महाराष्ट्र का एक सदस्य और तीन स्थानीय गाईड शामिल थे। जो कि बीते 29 मई को सहस्त्रताल के ट्रैकिंग अभियान पर रवाना करवाया गया था।
इस ट्रैकिंग दल को आगामी 7 जून तक वापस लौटना था। इसी दौरान बीते दिन अंतिम शिविर से सहस्त्रताल पहुंचने के दौरान मौसम खराब होने से यह दल रास्ता भटक गया। सम्बन्धित ट्रैकिंग ऐजेंसी ने खोजबीन करने पर इस दल के चार सदस्यों की मृत्यु होने की सूचना दी और ट्रैक में फंसे 13 सदस्यों के फंसे होने की घटना से अवगत कराया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ की दो हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीमों को रेस्क्यू के लिए रवाना किया गया। सहस्त्रधारा हेलीपैड, देहरादून से 03 सदस्यीय टीम को हैली के माध्यम से रेस्क्यू के लिए भेजा गया। उत्तरकाशी से एसडीआरएफ की 06 सदस्यीय टीम मौके के लिए रवाना हो गयी है।
जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया है कि सहस्त्रताल की ट्रैकिंग रुट पर फंसे ट्रैकर्स को रेस्क्यू करने के लिए एसडीआरएफ व वन विभाग के रेस्क्यू दल अलग-अलग दिशाओं से घटना स्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। वन विभाग की दस सदस्यों की रेकी व रेस्क्यू टीम सिल्ला गाँव से आगे निकल चुकी है। जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से एसडीआएफ का दल भी आज सुबह टिहरी जिले के बूढ़ाकेदार की तरफ से रेस्क्यू की कार्रवाई शुरू करने के लिए रवाना हो चुका है।
पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि एसडीआरएफ की माउंटेनियरिंग टीम भी देहरादून से हेलीकॉप्टर से एरियल रैकी के रवाना होने वाली है। जिला अस्पताल उत्तरकाशी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भटवाड़ी को अलर्ट पर रखा गया है। आइटीबीपी मातली से 14 रेस्क्यूअर्स और एक डॉक्टर को कुछ देर पहले ही रवाना हुए। एनआईएम से भी बैक अप टीम रवाना की जा रही है।
आपदा कंट्रोल रूम कल शाम से निरंतर सक्रिय है। टिहरी जिला प्रशासन द्वारा भी हैली रेस्क्यू हेतु अरदंगी हैलीपेड को अलर्ट मोड पर रखा गया है।अतिरिक्त सावधानी रखते हुए खोज बचाव हेतु जनपद टिहरी से भी वन विभाग, एसडीआरएफ पुलिस व स्थानीय लोगों की टीम रवाना की जा रही है, जो कि घनसाली के पिंस्वाड से पैदल रवाना होगी।
सहस्त्रताल ट्रैकिंग रुट पर फंसे ट्रैकर्स को निकालने के लिए वायु सेवा के द्वारा भी सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन के अनुरोध पर वायु सेना के दो चेतक हेलीकॉप्टर अभियान में लगाए गए हैं। 06 ट्रेकर्स को नटीण हेलीपैड पर लाया गया है। जिनमें से चार देहरादून लाए गए हैं।












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