अंकिता भंडारी मर्डर केस जारी है पॉलिटिक्स, BJP ने कहा न्याय की जीत, कांग्रेस बोली-फांसी के लिए हाईकोर्ट जाएं
Ankita Bhandari murder case: अंकिता भंडारी मर्डर केस में फैसला आ गया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। 2 साल 8 माह तक चले इस केस को लेकर शुरूआत से ही राजनीति होती रही है। अब फैसले को लेकर भी सियासत शुरू हो गई है।
भाजपा ने अंकिता प्रकरण में आए न्यायालय के निर्णय को देवभूमिवासियों को संतोष देने वाला बताया है। जबकि कांग्रेस ने दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट जाने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों की फांसी की सजा के लिए अभियोजन को उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना चाहिए।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि जांच एजेंसियों के अकाट्य सबूतों और मजबूत पैरवी के चलते हम दिवंगत बेटी को न्याय दिलाने में सफल हुए हैं। अब राजनैतिक एवं सामाजिक पक्षों को भी, मुद्दे की संवेदनशीलता और गंभीरता को ध्यान में रखते हुए प्रतिक्रिया देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि अंकिता की निर्मम हत्या से उसके परिजनों के जीवन की कमी कोई दूर नहीं कर सकता है। लेकिन कोटद्वार अदालत का इस घटना के तीनों दोषियों को कठोरतम सजा के रूप में तमाम उम्र जेल में रखने का आदेश, उनकी पीड़ा को कुछ कम करने का काम अवश्य सफल होगा। न्यायिक प्रक्रिया के पूर्णतः पालन करने से आए इस निर्णय में थोड़ा समय अवश्य लगा, लेकिन फिर भी रिकॉर्ड पौने तीन साल के बाद आया यह निर्णय दुखी प्रदेशवासियों को संतुष्टि देने वाला है।
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने भी स्पष्ट किया था कि दोषियों को कठोरतम सजा सुनिश्चित करवाई जाएगी। उनके निर्देश पर जांच और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर पीड़ित परिवार की सहमति से ही सभी कार्यवाही आगे बढ़ाई गई। जांच के विस्तृत दायरे और गवाहों एवं सबूतों की बड़ी संख्या होने के बावजूद न्यूनतम समय में न्याय सबके सामने आया है।
उधर कांग्रेस ने दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट जाने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों की फांसी की सजा के लिए अभियोजन को उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना चाहिए। अंकिता भंडारी हत्याकांड में आज सत्र न्यायालय द्वारा हत्या कांड के तीन प्रमुख दोषियों का अपराध सिद्ध होने व तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास व अर्थदंड के फैसले का स्वागत करते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दोषियों को फांसी की सज़ा के लिए अभियोजन पक्ष को उच्च न्यायालय जाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा निर्देशित किए जाने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन व प्रशासन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे राज्य के लोगों को उद्वेलित किया हुआ है और लोग दोषियों को फांसी से कम सज़ा पर राजी नहीं हैं। धस्माना ने कहा कि इस जघन्य कांड के पीछे किसी वीवीआईपी के होने की चर्चा है जिसके बारे में स्वयं अंकिता ने अपने मित्र को चैट में बताया किंतु आज तक उस वीवीआईपी तक विवेचना करने वाली पुलिस टीम नहीं पहुंच पाई जो विवेचना पर सवाल खड़ा करती है।
धस्माना ने कहा कि इस पूरे कांड के मुख्य अभियुक्त जो अब अपराधी सिद्ध हो चुके हैं सत्ता धारी दल से सीधे जुड़े हुए रहे और इनका पूरा परिवार भाजपा और आरएसएस में पदाधिकारी व सरकार में दायित्वधारियों रहे जिसके कारण न केवल विवेचना को बल्कि अभियोजन पक्ष पर भी दोषियों को बचाने का भरी दबाव बनाया गया किंतु अंतोगत्वा न्यायालय में अपराधियों का दोष सिद्ध हुआ और आज दोषियों को सजा सुनाई गई जिसका कांग्रेस स्वागत करती है व दोषियों को और सख्त सज़ा के लिए अभियोजन पक्ष के उच्च न्यायालय में अपील की मांग करती है।












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