Wedding Destination in Uttarakhand: उषा-अनिरुद्ध विवाह मंडप, जानिए पौराणिक मान्यता और कहां है ये डेस्टिनेशन
Wedding Destination in Uttarakhand: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड में वेडिंग डेस्टिनेशन को लेकर दिए गए सुझाव और नए इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर कही बात के बाद राज्य सरकार इस पर तेजी से काम करने में जुट गई है। इसके लिए उत्तराखंड में ऐसी ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों को संवारने का काम शुरू हो गया है।

शिव पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण की तरह दूसरे वेडिंग डेस्टिनेशन पर भी फोकस किया जा रही है। इसी तरह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में उषा अनिरूद्ध विवाह मंडप है। जिसे बदरी केदार मंदिर समिति वेडिंग डेस्टिनेशन के रुप में डवेलप करने में जुट गई है।
समुद्र तल से करीब 1300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित उखीमठ को पंच केदार का केंद्र स्थल भी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बाणासुर की बेटी उषा का विवाह भगवान श्री कृष्ण के पोते अनिरुद्ध के साथ इसी स्थान पर हुआ था। जिस मंडप में यह विवाह हुआ था वह मंडप आज भी यहां मौजूद है। उषा की शादी अनिरुद्ध से होने के बाद उस जगह को 'उषामठ' कहा जाने लगा जो बाद में "उखीमठ" कहलाया।
बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि बदरी केदार मंदिर समिति लगातार प्रदेश के पौराणिक और तीर्थाटन का केंद्र रहे मंदिरों के सौंदर्यीकरण और डेवलप करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन को लेकर कही बात पर वे भी इस दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए उत्तराखंड के ऐसे मंदिरों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रुप में तैयार किया जा रहा है जो कि पौराणिक के साथ ही ऐतिहासिक भी हैं।
उन्होंने कहा कि त्रियुगीनारायण को पहले से ही लोग काफी मानते आ रहे हैं। जहां शादी विवाह के कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। यहां पर भी सुविधाओं को डेवलप किया जा रहा है। इसी तरह उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में उषा अनिरूद्ध विवाह मंडप को भी डेवलप करने की प्लानिंग की जा रही है।
अजेंद्र अजय ने बताया कि 'उषा' बाणासुर की पुत्री थी और 'अनिरुद्ध' श्री कृष्ण भगवान के पौत्र बताए गए हैं। जो कि प्रेम के प्रतीक माने जाते हैं। उषा अनिरुद्ध का विवाह मंडप बाबा केदार के शीतकालीन गद्दी स्थल ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में है।
जिसका विस्तारीकरण, सौंदर्यीकरण और कोठा भवन के पुनर्निर्माण के प्रथम चरण के काम किया जा रहा है। जो कि बदरी केदार मंदिर समिति कर रही है। प्रथम चरण में ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में टेंपल प्लाजा, एडमिन बिल्डिंग, वर्तमान प्रशासनिक भवन के फसाड का विकास कार्य किया जाएगा। द्वितीय फेज में कोठा भवन, उषा-अनिरुद्ध विवाह मंडप आदि के जीर्णोद्धार कार्य होने हैं। तीसरे चरण में मंदिर परिसर के बाहर सौंदर्यीकरण व पार्किंग निर्माण के काम होंगे।












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