ऑपरेशन प्रहार: 42 दिनों तक 17 राज्यों में चला, जानिए क्या है देश का पहला साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान
Operation Prahar उत्तराखंड पुलिस देश की पहली पुलिस बन गई जिसके द्वारा साइबर अपराधियों के विरुद्ध पुरे देश में एक साथ छापेमारी की कार्रवाई की गई है। देश में दिल्ली-एनसीआर सहित 17 राज्यों में 23 विशेष टीमों के द्वारा 50 से अधिक अभियुक्तों की शिनाख्त कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई और 30 से अधिक फरार अभियुक्तों के घरो पर नोटिस चस्पा किये गए।
इस दौरान 65 साइबर अपराधियों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। देश की विभिन्न जेलों में बंद 07 से अधिक साइबर अपराधी के विरुद्ध की क़ानूनी कार्रवाई और 06 से अधिक अभियुक्तों को जमानतीय वारंट थमाया गया।। पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि ऑपरेशन प्रहार अभी भी जारी है और टीमें अभी भी मैदान में हैं और यह साइबर अपराध के खिलाफ एक सतत लड़ाई है जो जारी रहेगी।

सीओ साइबर (STF) अंकुश मिश्रा ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के तहत देश में दिल्ली-एनसीआर सहित 17 राज्यों जिसमे (हिमांचल, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एन०सी०आर०, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, गोवा) में 23 विशेष टीमों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, STF के द्वारा रवाना किया गया था। जिसमे तकनीकी रूप से दक्ष व I4C से प्रशिक्षण प्राप्त CYBER COMMANDO को भी इस अभियान में शामिल किया गया।
लगभग 42 दिन चले इस अभियान में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून व रुद्रपुर की टीमों के द्वारा स्थानीय पुलिस, साइबर क्राइम थानों और तकनीकी एजेंसियों के साथ समन्वय बनाते हुये अपराधियों के पते, मोबाइल नंबर, बैंक खाते, सोशल मीडिया प्रोफाइल, और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को एकत्र किया। इस अभियान के दौरान टीमो के द्वारा 52 अभियुक्त जो साइबर अपराध में लिप्त थे, काफी समय से फरार चल रहे थे, जिनके नाम पते सफलतापूर्वक तस्दीक करते हुए उनको नियमानुसार नोटिस तामिल कराये गये, इसी क्रम में अन्य राज्यों की पुलिस के द्वारा गिरफ्तार 07 साइबर अपराधी जो की विभिन्न जेलों में बंद है के बी-वारंट प्राप्त कर अभियुक्तों का रिमांड प्राप्त किया गया। 06 जमानतीय वारंट तामिल कराये गये।
अभियान के दौरान 225 ऐसे अपराधी पाये गये जिनके द्वारा अपराध करने के लिए गलत नाम-पतो, दस्तावेजो का इस्तेमाल करके बैंक खाते खोले गये तथा मोबाइल नंबर प्राप्त किये गये थे के सम्बन्ध में स्थानीय पुलिस के साथ कार्यवाही हेतु जानकारी उपलब्ध कराई गई, अभियान के दौरान एक अभियुक्त की मृत्यु होने की जानकारी प्राप्त हुई। ऑपरेशन प्रहार के दौरान पुलिस कार्यवाही से बचने के लिए घर से फरार 30 अभियुक्तो के घरो पर नोटिस चस्पा करते हुए परिजनों को भी सूचित किया गया, इस प्रकार अभियान के तहत कुल मिलाकर 290 से अधिक अभियुक्तों के विरुद्ध पुरे देश में एक साथ कार्यवाही की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड पुलिस ने एक ऐतिहासिक अभियान चलाकर यह सन्देश न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे राष्ट्र को दिया है। 'ऑपरेशन प्रहार', साइबर अपराधियों पर करारा प्रहार करने वाला यह अभियान अपने आप में एक मिसाल बन गया है। इस सघन और रणनीतिक कार्रवाई में 290 से अधिक साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। देश के इतिहास में पहली बार उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा एक साथ 17 राज्यों में बड़ी छापेमारी की गई। यह कोई सामान्य कार्रवाई नहीं थी।
मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे को तकनीकी रूप से सशक्त करने के आदेश दिए, साइबर थानों की पुनर्संरचना की और इंटेलिजेंस नेटवर्क को विस्तार दिया। इसका प्रत्यक्ष परिणाम 'ऑपरेशन प्रहार' के रूप में सामने आया, जिसमें न केवल उत्तराखण्ड बल्कि अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से यह दिखाया गया कि उत्तराखण्ड अब केवल पर्यटन और तीर्थाटन का केन्द्र ही नहीं, बल्कि साइबर क्राइम से लड़ने में भी एक मॉडल स्टेट बन चुका है।












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