दलबदल और निष्कासितों की घर वापसी को कांग्रेस में नवरात्र का इंतजार, भाजपा-कांग्रेस में चल रहा सेंधमारी का खेल
कांग्रेेस में दलबदल और निष्कासितों की घर वापसी की तैयारी
देहरादून, 28 सितंबर। उत्तराखंड में कांग्रेस चुनावी साल में हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। साथ ही इसके लिए हर पहलुओं को ध्यान में रखकर ही रणनीति पर फोकस किया जा रहा है। कांग्रेस ने अपने पुराने कार्यकर्ताओं और चेहरों को वापस लाने के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के 15 दिन का दिया गया समय भी इसी से जोड़ा जा रहा है। नवरात्र शुरू होते ही कांग्रेस अपने पुराने चेहरों को वापस पार्टी में लाकर अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश में जुट गई है। साथ ही कुछ बडे चेहरे भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।

दलबदल और घर वापसी होगी शुरू
चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस में शक्ति प्रदर्शन शुरु हो गया है। दलबदल और अपने पुराने कार्यकर्ताओं की घर वापसी कराने में दोनों दल जुटे हुए हैं। भाजपा लगातार दलबदल और निष्कासितो को घर वापसी करा रही है। इतना ही नहीं दो विधायकों को अपने पाले में लाकर भाजपा ने कांग्रेस से बाजी मारी है। अब बारी कांग्रेस की है। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी के भाजपा के हाउसफुल होने वाले बयान पर कांग्रेस ने भी 15 दिन की डेडलाइन देकर नई बहस को जन्म दे दिया कि आखिर कांग्रेस किसको अपने पाले में लाकर भाजपा को चुनौती देने जा रही है। हालांकि ये सब 15 दिन में ही नजर आएगा। कांग्रेसी सूत्रों का दावा है कि 15 से ज्यादा सीनियर भाजपा नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं। इनमें कुछ पुराने कांग्रेसी और विधायक भी बताए जा रहे हैं। हालांकि अभी कोई भी नाम सामने नहीं आया है जिसको लेकर पार्टी सूत्र पूरी तरह से आश्वस्त नजर आएं। कई नाम लिए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल सभी कयास हैं। इधर भाजपा सूत्रों का दावा है कि अधिकतर वे विधायक कांग्रेस के संपर्क में है। जिनको टिकट कटने की प्रबल संभावना नजर आ रही है। नवरात्र शुरू होते ही उत्तराखंड की राजनीति में भारी फेरबदल देखने को मिल सकता है। इसमें कांग्रेस और भाजपा दोनों एक दूसरे के पाले में सेंधमारी कर अपना शक्तिप्रदर्शन कर सकते हैं।
150 कार्यकर्ता कतार में
इधर कांग्रेस ने अपने निष्कासितों को भी घर वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कांग्रेस में 50 से ज्यादा ऐसे जिले स्तर पर बड़े चेहरे हैं जो कि निष्कासित होने के बाद अब चुनाव से पहले वापसी कर रहे हैं। 2017 से अब तक निष्कासित किए गए कार्यकर्ता फिर से पार्टी में शामिल होंगे। इसके लिए कांग्रेस ने चार सदस्य कमेटी का गठन किया था। जिन्होंने संगठन को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इनमें वे सभी कार्यकर्ता हैं जो पार्टी के खिलाफ जाकर चुनाव लड़े थे या जिन्हें अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। ऐसे तकरीबन सौ से डेढ़ सौ नेता हैं, जो पार्टी के खिलाफ नगर निकाय चुनाव, पंचायत चुनाव ये फिर 2017 के विधानसभा चुनाव में बगावत कर चुनाव लड़े थे। इन सभी की घर वापसी होगी। पीसीसी जल्द ही इस रिपोर्ट के आधार पर पुराने चेहरों को पार्टी में वापसी कराएगीा इसके लिए पार्टी शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रही हैा












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