Uttarakhand: बाइक सवार युवक पर तेंदुए ने किया हमला, हेलमेट ने ऐसे बचाई जान, सुनकर हर कोई हैरान
Leopard attacked सड़क दुर्घटना में हेलमेट से जान बचने की आपने कई खबरें सुनी होंगी। लेकिन हेलमेट की वजह से तेंदुए के हमले से कैसे जान बची, ये खबर सुनकर आपको हैरानी जरूर होगी। लेकिन ये सच है। घटना काशीपुर की है। जहां एक बाइक सवार पर तेंदुए ने हमला बोल दिया। गनीमत रही कि बाइक सवार ने हेलमेट पहना हुआ था, जिस वजह से वह बाल बाल बच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार काशीपुर के कुंडा थाना क्षेत्र में ग्राम बाबरखेड़ा निवासी उदयवीर सिंह रविवार सुबह करीब छह बजे अपने भाई रवि को काशीपुर रेलवे स्टेशन छोड़ कर घर लौट रहा था। इसी दौरान कुदैय्योवाला के पास अचानक तेंदुए ने उदयवीर सिंह पर हमला किया।
गनीमत रही कि उसने हेलमेट पहना जो कि तेंदुए के हमले में टूट गया। इसी समय वहां से गुजर रहे बाइक सवार एक व्यक्ति के शोर मचाने पर तेंदुआ भाग गया। इससे पहले 8 दिसंबर की रात करीब दस बजे इसी क्षेत्र में बाइक सवार शिक्षक नेता स्वतंत्र मिश्रा पर भी तेंदुए ने हमला किया था। लगातार तेंदुए के हमले से स्थानीय लोगों में दहशत है। साथ ही सुबह शाम लोग आवाजाही से डरे हुए हैं।
उत्तराखंड में बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गढ़वाल से लेकर कुमांउ तक बाघ के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। रामनगर और कुमाऊ के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में बाघ की दहशत फैली हुई है। बीते दिनों रामनगर में सुबह 11 बजे के आसपास दो बाइक सवारों पर बाघ ने हमला कर दिया, जिसमें दोनों बाइक सवार घायल हो गए।
स्थानीय लोगों के शोर मचाने के बाद बाघ इन दोनों को छोड़कर भाग गया। जिससे बड़ी घटना होने से बच गई। इससे पहले हाथी डगर इलाके में पूर्व में बाघ ने एक महिला को मौत के घाट उतार दिया था। जबकि इसी क्षेत्र में अंकित नाम के युवक पर बाघ ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार घट रही इस घटनाओं को रोकने के लिए और बाघ को पकड़े जाने को लेकर ग्रामीण लगातार आंदोलन कर रहे हैं। ये केवल रामनगर की ही नहीं पूरे कुमाऊ की हालत है। यहां कई इलाकों में बाघ और तेंदुए के हमले बढ़ते जा रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ठंड के सीजन में इनके हमले अधिक बढ़ जाते हैं। इस दौरान इन जानवरों का मीटिंग पीरियड होता है।












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