joshimath: '60 साल से हम यहां थे, अब सब खत्म हो रहा...', घरों को छोड़ते हुए छलके लोगों के आंसू, देखें वीडियो
joshimath sinking: जोशीमठ को लेकर विशेषज्ञों और निवासी लंबे समय से चेतावनी दे रहे हैं कि शहर में और उसके आसपास बड़े पैमाने पर हो रहे निर्माण कार्य, निर्मित बिजली परियोजनाओं की वजह से जमीन धंस रही है।

Uttarakhand Joshimath Crisis: उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव की वजह से दरार आई घरों, मकानों और होटलों को मंगलवार से गिराने का काम शुरू किया जा रहा है। सबसे पहले जोशीमठ के दो होटलों होटल मलारी इन और होटल माउंट व्यू को गिराया जाएगा। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि सबसे पहले इन दो होटलों को गिराया जाएगा और इसे 'चरणबद्ध तरीके से' तोड़ा जाएगा। दरार आई मकान में रहने वाले लोगों को घर खाली करने को कहा गया है। भू-धंसाव की वजह से घर खाली कर रहे स्थानीय लोग भावुक दिखे। घर खाली करते वक्त लोगों के आंखों से आसूं छलक पड़े।

'हमारा 60 साल का आशियाना एक पल में खत्म हो गया...'
जोशीमठ की रहने वाली एक निवासी बिंदु कहती हैं, ''हमारा 60 साल का आशियाना एक पल में खत्म हो गया। हमें नहीं पता कि हम कहां जाएंगे। हमें सरकार से कुछ भी मदद नहीं मिली। सरकारी अधिकारी आए और लाल निशान लगाया और घर खाली करने के लिए कह दिया।''
बिंदु कहती हैं, ''यह मेरा मायका है। 19 साल की उम्र में मेरी शादी हुई थी। मेरी मां 80 साल की हैं और मेरा एक बड़ा भाई है। हमने मेहनत करके और कमाई करके यह घर बनाया है। हम यहां 60 साल रहे लेकिन यह है सब अब खत्म हो रहा है।"

'हमारा बचपन यहीं बीता है, लेकिन अब अचानक...'
जोशीमठ के रहने वाले एक शख्स मनीष ने कहा, ''हमारा बचपन यहीं बीता है। हमको अचानक घर खाली करने के लिए बोल रहे हैं। शासन-प्रशासन को परवाह नहीं है, अधिकारी हमारे पास आए और घर खाली करने के लिए बोले। हमारे परिवार में 7-8 लोग हैं। हमने पहले भी कई बार इसके बारे में सरकार को बताया था।''

'9 लोगों के परिवार को एक ही कमरे में रहने को मजबूर किया गया..'
50 वर्षीय प्रकाश भूटियाल ने कहा कि उनके निवास-सह-गेस्टहाउस के 11 कमरों में से सात में दरारें आ गई हैं और वह और उनका परिवार स्थानांतरित होने की प्रतीक्षा कर रहा है। प्रकाश भूटियाल ने कहा, नौ लोगों के हमारे परिवार को सिर्फ एक कमरे में रहने के लिए मजबूर किया गया है। हमने अपना सारा सामान खुले में रखा है। हमें अभी तक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया है।"

4 हजार लोगों को बाहर किया गया स्थानांतरित
अधिकारियों का कहना है कि सभी निवासियों को 'असुरक्षित' क्षेत्रों से निकाला गया है। कम से कम 4,000 लोगों को बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है। जोशीमठ के एक निवासी दीपक रावत, जिनका घर होटल माउंट व्यू के पीछे है, उनके घर में दरारें आने के बाद स्थानांतरित कर दिया गया था। अब दीपक रावत का कहना है कि सरकार को जोशीमठ के करीब एक स्थान पर हमारा पुनर्वास करना चाहिए।












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