भाजपा के आधा दर्जन विधायक लगा चुके हैं भितरघात के आरोप, अब इन विधायक का बयान आया सामने
कुछ नेताओं के निर्दलीयों को सपोर्ट करने का आरोप
देहरादून, 4 मार्च। उत्तराखंड भाजपा में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के विधायक ही पार्टी संगठन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। जिससे प्रदेश स्तर से हाईकमान तक भाजपा में खलबली मची हुई है। चुनाव निपटने के बाद से ही भाजपा में भितरघात के आरोपों से हड़कंप मचा हुआ है। इसी कड़ी में अब किच्छा से विधायक राजेश शुक्ला का बयान भी इसी से जोड़ा जा रहा है। विधायक ने कुछ बड़े नेताओं के निर्दलीयों को सपोर्ट करने का गंभीर आरोप लगाया है।

पार्टी में भितरघात पर महाभारत
प्रदेश में चुनाव लड़ने के बाद से ही भाजपा के अंदरखाने जमकर आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। जिससे पार्टी के अंदर आने वाले सियासी तूफान कहा जा रहा है। लक्सर विधायक संजय गुप्ता के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर उन्हें हराने का आरोप लगाने के गंभीर आरोप लगाने के बाद पार्टी के अंदर भितरघात को लेकर एक नई बहस छिड़ी हुई है। इसका असर दूसरे विधायकों पर भी नजर आने लगा है। अब किच्छा से विधायक राजेश शुक्ला ने अपने साथ षड़यंत्र होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों को पार्टी के ही कुछ बड़े नेताओं ने सपोर्ट किया है। इस बयान से एक बार फिर पार्टी के अंदर सियासी तूफान आना तय है। राजेश शुक्ला ने पार्टी फोरम पर पूरा बात रखने की बात की है। हालांकि भाजपा हाईकमान ने किसी भी विधायक को इस तरह की बयानबाजी न करने की हिदायत दी थी। बावजूद इसके पार्टी के विधायक लगातार इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। जिससे पार्टी की छवि को असर पड़ना तय है। राजेश शुक्ला 2017 में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को चुनाव हरा चुके हैं। इस बार फि से वे चुनावी मैदान में हैं। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के काफी करीबी माने जाते हैं। ऐसे में शुक्ला के बयान से पार्टी फिर से एक्शन लेने के लिए मजबूर हो सकती है। पार्टी के अंदरखाने भितरघात के आरोपों की जांच करने की बात की जा रही है। खुलकर भले ही पार्टी के नेता इन प्रकरण पर कुछ भी कहने से बच रहे हों लेकिन अंदरखाने पार्टी को इसके नतीजे को लेकर भी डर सता रहा है। जिसका असर चुनाव परिणाम में दिखना तय है।
6 विधायक लगा चुके हैं गंभीर आरोप
भाजपा में अब तक 6 विधायक अपने-अपने सीटों पर भितरघात का आरोप लगा चुके हैं। सबसे पहले लक्सर विधायक संजय गुप्ता ने प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर ही उनके खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। इसके बाद चम्पावत के विधायक कैलाश गहतौड़ी और काशीपुर से विधायक हरभजन सिंह चीमा भी अपनी-अपनी सीटों पर भितरघात के आरोप लगा चुके हैं। यमुनोत्री से विधायक केदार सिंह रावत भी अपना दर्द बयां कर रहे हैं। केदार सिंह रावत ने जिला व प्रदेश स्तर के पांच पदाधिकारियों पर चुनाव के दौरान भितरघात का आरोप लगाया है। केदार सिंह रावत के बाद कैबिनेट मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल ने भी अपनी विधानसभा सीटों पर भितरघात के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद से भाजपा के अंदर खलबली मची हुई है। अब राजेश शुक्ला ने भितरघात का आरोप लगाया है।
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