CBSE में बड़ी कार्रवाई, ऑन-स्क्रीन मार्किंग और टेंडर विवाद के बाद चेयरमैन और सचिव की छुट्टी, जांच कमेटी गठित
CBSE OSM Controversy Row: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में पिछले कुछ समय से चल रहे ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े विवादों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों और लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद सरकार ने शीर्ष स्तर पर बदलाव करते हुए सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके पदों से हटा दिया है।
साथ ही पूरे मामले की गहराई से जांच कराने के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मूल्यांकन प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्था और टेंडर से जुड़े फैसलों पर कई तरह की आपत्तियां सामने आई थीं। अब इस मामले की जांच से जुड़े निष्कर्षों पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की नजरें टिकी हुई हैं।

एस. राधा चौहान को मिली जांच की जिम्मेदारी
सरकारी सूत्रों के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और प्रशासनिक फैसलों की जांच के लिए बनाई गई एक सदस्यीय समिति की अध्यक्षता एस. राधा चौहान करेंगी। वह वर्तमान में कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन की चेयरपर्सन हैं और लंबे समय तक प्रशासनिक सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं।
प्रशासनिक क्षेत्र का लंबा अनुभव
एस. राधा चौहान उत्तर प्रदेश कैडर की 1988 बैच की सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। वह केंद्र सरकार में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की सचिव भी रह चुकी हैं। प्रशासनिक सुधार, मानव संसाधन प्रबंधन और सुशासन के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।
OSM प्रणाली पर उठे थे सवाल
सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पिछले कुछ महीनों से चर्चा में रही है। मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता, तकनीकी संचालन और सिस्टम के काम करने के तरीके को लेकर अलग-अलग स्तर पर सवाल उठाए गए थे। कई लोगों ने इस प्रक्रिया में सुधार की जरूरत भी बताई थी।
स्कैन कॉपी देने में आई थीं तकनीकी परेशानियां
पुनर्मूल्यांकन के दौरान छात्रों को उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी दिक्कतें सामने आई थीं। कई छात्रों और अभिभावकों ने तकनीकी समस्याओं की शिकायत की थी, जिसके कारण बोर्ड की व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए थे।
टेंडर प्रक्रिया की होगी विस्तृत समीक्षा
इसी दौरान टेंडर प्रक्रिया से जुड़े कुछ मामलों पर भी आपत्तियां दर्ज की गईं। इसके बाद केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच कराने का फैसला लिया। माना जा रहा है कि समिति टेंडर जारी करने, निविदा आवंटन और उससे जुड़े प्रशासनिक फैसलों की विस्तार से समीक्षा करेगी।
रिपोर्ट का इंतजार
जांच समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। फिलहाल शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजरें समिति की जांच और उसकी रिपोर्ट पर बनी हुई हैं।
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