गढ़वाल ने खोला भाजपा के लिए सत्ता का द्वार, जानिए किस रीजन में कितना रहा स्ट्राइक रेट
गढ़वाल में भाजपा का 26 सीटें जीतकर 87 परसेंट स्ट्राइक रेट
देहरादून, 15 मार्च। उत्तराखंड में भाजपा ने 70 में से 47 सीटें जीतकर इतिहास लिखा है। जिसके लिए भाजपा का गढ़वाल में किया गया प्रदर्शन ही सरकार बनाने के लिए अहम माना जा रहा है। भाजपा ने गढ़वाल और कुमाऊं में 50 में से 40 सीटें जीतकर यहीं से बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। उत्तराखंड में 70 में से 36 सीटों के साथ ही सरकार बन जाती है।

गढ़वाल में भाजपा का 26 सीटें जीतकर 87 परसेंट स्ट्राइक रेट
5 वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव के परिणाम अब सामने आ चुके हैं। भाजपा ने 47 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत की सरकार फिर से बना दी है। ऐसे में हर कोई उन कारणों पर बात करना चाह रहे हैं जहां से भाजपा के पास सत्ता की चाबी मिली है। एसडीसी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल ने बताया कि भाजपा ने गढ़वाल की 30 में से 26 सीटें जीतकर 87 परसेंट स्ट्राइक रेट बनाया है। जबकि कांग्रेस ने गढ़वाल में 3 सीटें ही जीत पाई है। इस तरह से कांग्रेस का स्ट्राइक रेट 10 परसेंट है। कुमाऊं में भाजपा ने 20 में से 14 सीटें जीतकर 70 परसेंट का स्ट्राइक रखा है। यहां कांग्रेस का 6 सीटों के साथ 30 का स्ट्राइक रेट रहा है। सिर्फ तराई में ही कांग्रेस ने 20 में से 10 सीटें जीतकर 50 परसेंट स्ट्राइक बनाया है। तराई में ही भाजपा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। यहां भाजपा 20 में से 7 सीट जीतकर 35 परसेंट ही स्ट्राइक रेट बना पाई है।

कांग्रेस को तराई में मिली संजीवनी
प्रदेश में गढ़वाल, कुमाऊं और तराई तीन क्षेत्र हैं। गढ़वाल में 30, कुमाऊं, तराई में 20-20 सीटें आती है। इस तरह से सरकार बनाने के लिए तीनों क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए भाजपा, कांग्रेस ने पूरा जोर लगाया था। कांग्रेस को कुमाऊं और तराई में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन तराई को छोड़कर कांग्रेस को कहीं भी कुछ खास हाथ नहीं लगा है। इस तरह से कांग्रेस 19 सीटों पर सिमट कर रह गई है। भाजपा का गढ़वाल और कुमाऊं में काफी दबदबा रहा है। ऐसे में भाजपा के लिए सरकार बनाने का रास्ता गढ़वाल से होकर ही आया है।

कांग्रेस ने गढ़वाल और कुमाऊं में नहीं की यात्राएं
चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में यात्राओं के जरिए जनता तक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश की। कांग्रेस ने परिवर्तन यात्रा और भाजपा ने विजय संकल्प यात्रा निकाली। कांग्रेस ने तराई क्षेत्र में ही पूरा फोकस किया है। लेकिन गढ़वाल और कुमाऊं के अधिकतर क्षेत्रों में यात्रा नहीं निकाल पाई। जिसका असर चुनाव परिणामों पर भी दिखा है। जबकि भाजपा ने हर जगह अपनी यात्रा निकाली। जिससे वे जनता तक अपना संदेश पहुंचाने में सफल रहे हैं। इसके साथ ही तराई क्षेत्र में भाजपा के सामने कांग्रेस के अलावा बसपा और आप भी नजर आई। जिसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ा है। इससे भाजपा को तराई में खासा नुकसान हुआ है। यहां किसानों का वोटबैंक भी खासा अहम माना जाता है। जहां तक गढ़वाल और कुमाऊं के वोटर की बात है तो यहां महिलाओं के एक तरफा मोदी लहर को ही भाजपा के प्रचंड बहुमत का कारण माना जा रहा है। गढ़वाल और कुमाऊं में भाजपा ने 40 सीटें जीतकर बहुमत यहीं से पा लिया।

एक नजर परिणाम पर
रीजन ए-गढ़वाल- 30 सीटें
देहरादून 10
पौड़ी- 6
टिहरी-6
उत्तरकाशी- 3
चमोली- 3
रुद्रप्रयाग- 2
बीजेपी -26 सीटें 87
कांग्रेस- 3 सीट- 10
रीजन बी- 20 सीट
नैनीताल 6
अल्मोड़ा 6
पिथौरागढ 4
बागेश्वर 2
चंपावत 2
बीजेपी स्ट्राइक रेट 14 सीट 70 परसेंट
कांग्रेस स्ट्राइक रेट 6 सीट 30 परसेंट
रीजन सी- तराई -20 सीट
हरिद्वार 11 सीट
उधम सिंह नगर 9
बीजेपी 7 सीट स्ट्राइक रेट 35
कांग्रेस 10 स्ट्राइक रेट 50












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