उत्तराखंड में मिशन 60 प्लस की 'शंका' को दूर करने के लिए मैदान में उतरे रमेश पोखरियाल निशंक, जानिए क्या है मामला
उत्तराखंड भाजपा के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक पूर्व सीएम डॉ रमेश पोखरियाल निशंक चुनावी कार्यक्रमों में खासा एक्टिव
देहरादून, 27 दिसंबर। उत्तराखंड भाजपा के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक पूर्व सीएम डॉ रमेश पोखरियाल निशंक चुनावी कार्यक्रमों में खासा एक्टिव नजर आ रहे हैं। जो कि भाजपा के लिए संजीवनी देने का काम कर सकती है। निशंक उत्तर प्रदेश के समय की राजनीति से ही भाजपा के बड़े नेताओं में शुमार हैं। ऐसे में भाजपा के मिशन 60 प्लस के लिए निशंक की सक्रियता काफी अहम मानी जा रही है। खासकर गढवाल की 41 सीटों पर जिन सीटों के लिए नड्डा ने रविवार को देहरादून में मंथन किया हैा निशंक की सक्रियता ऐसे समय मेंं ज्यादा अहम मानी जा रही है जब कांग्रेस ने पूर्व सीएम हरीश रावत को चुनाव लीड करने को कहा हैा

निशंक से नड्डा ने लिया फीडबैक
रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा गढ़वाल की 41 सीटों का फीडबैक लेने देहरादून आए। इस दौरान उन्होंने विधानसभावार हर सीट की समीक्षा की। इस बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के अलावा पूर्व सीएम डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की मौजूदगी खासा चर्चा का केन्द्र बना हुआ है। हालांकि निशंक के अलावा भी कई प्रदेश पदाधिकारी और नेता मौजूद रहे, लेकिन नड्डा ने जिन बड़े नेताओं से वन टू वन किया उनमें पूर्व सीएम निशंक शामिल थे। इस तरह निशंक का फीडबैक खासा अहम माना जा रहा है। निशंक को भाजपा का खेवनहार भी माना जाता है। जब भी पार्टी को खास रणनीति की आवश्यकता महसूस होती है तो जिन बड़े रणनीतिकारों पर भाजपा को भरोसा है, उनमें निशंक सबसे आगे की पंक्ति में नजर आते हैं। भाजपा के तीन पुराने चेहरों में खंडूडी, कोश्यारी में भी इस समय निशंक ही सक्रिय हैं। भाजपा की सीधी टक्कर इस समय पूर्व सीएम हरीश रावत से मानी जा रही है। निशंक, हरीश रावत को हरिद्वार में पटखनी दे चुके हैं। ऐसे में निशंक की रणनीति के बिना भाजपा का हरीश रावत को शिकस्त देना आसान नहीं है।
स्वास्थ कारणों से रहे दूर
लंबे समय के बाद पार्टी कार्यक्रमों से स्वास्थ कारणों से दूर रहने वाले पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। उत्तराखंड में भाजपा ने निशंक के अनुभवों को देखते हुए उन्हें घोषणा पत्र समिति का अध्यक्ष बनाया है। जिसके बाद निशंक ने अपनी जिम्मेदारी पर काम करना शुरू कर दिया है। सबसे पहले निशंक नड्डा के विजय संकल्प यात्रा में हरिद्वार में नजर आए। इसके बाद रविवार को निशंक नड्डा के देहरादून दौरे पर एक्टिव रहे। इस दौरान नड्डा ने भी निशंक को खासा तवज्जो दी है। डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से हटने के बाद उत्तराखंड की राजनीति से दूर ही रहे। अब चुनाव में भाजपा हाईकमान ने निशंक को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। चुनाव में पार्टी की जीत का आधार बनने वाले घोषणा पत्र समिति का निशंक को अध्यक्ष बनाया गया है। जिसको लेकर निशंक एक्टिव हो गए हैं। निशंक उत्तराखंड की राजनीति के पुराने खिलाड़ी हैं। जिन्हें पूरे प्रदेश के मुद्दों की समझ है। हाईकमान भी निशंक के अनुभवों को समझते हैं। जिस वजह से निशंक को डबल इंजन की सरकार में केन्द्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल चुकी है। पांचों सीट जीतने के बाद निशंक को उत्तराखंड से अकेले केन्द्र में प्रतिनिधित्व मिला था।












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