महिला आरक्षण बिल में ओबीसी महिलाओं के सब कोटे को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने कर दी ये मांग
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले एक बार फिर महिला आरक्षण का मामला गरमाता जा रहा है। भाजपा जहां मोदी सरकार के महिला आरक्षण बिल को संसद में पास करवाने को ऐतिहासिक बताकर चुनाव में इसे अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटी है। वहीं कांग्रेस महिला आरक्षण पारित एक्ट में ओबीसी महिलाओं को सब कोटा बनाने की मांग कर रही है। उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा है कि सरकार को चाहिए कि महिला आरक्षण के पारित एक्ट में ओबीसी की महिलाओं का सब कोटा बनाया जाए। साथ ही इसे लागू करने का अधिकार चुनाव आयोग को देने का भी संशोधन किया जाए।

पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि महिला आरक्षण की बुनियाद कांग्रेस ने यूपीए के समय में रखी थी। 2011 में राज्यसभा में इसे पारित किया था। महिला आरक्षण बिल को जनगणना व परिसीमन के साथ जोड़ने से इसमें देरी होगी। अगले साल लोकसभा चुनाव में इसे प्रभावी किया जाए।
सरकार को चाहिए कि महिला आरक्षण के पारित एक्ट में ओबीसी की महिलाओं का सब कोटा बनाया जाए। साथ ही इसे लागू करने का अधिकार चुनाव आयोग को देने का भी संशोधन किया जाए। कहा, यदि संविधान में संशोधन भी करना पड़े तो हम तैयार हैं।
उधर नवरात्रि के पावन पर्व पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने मंडल स्तर पर महिला सम्मेलन कर रहा है। यह सम्मेलन 30 अक्टूबर तक सभी मंडलों में चलेगा। भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल का कहना है कि नवरात्र के पावन पर्व के मौके पर दुर्गा के नव रूपों की पूजा हो रही है।
ऐसे में भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में 30 अक्टूबर तक महिला सम्मेलन कर रहा है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण को लेकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जो निर्णय किया है इससे महिलाएं राजनीतिक तौर पर सशक्त होंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह निर्णय भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा इससे 33 प्रतिशत महिलाओं को विधानसभा और संसद में पहुंचने का अवसर प्राप्त होगा। महिला जनप्रतिनिधि विधानसभा और संसद में महिलाओं के मुद्दों को प्रमुखता के साथ उठाने का काम करेंगी।












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