Cyber Crime सीबीआई अफसर बनकर तीन करोड़ की ठगी, एफडी, गोल्ड लोन, शेयर बेचकर पूरी की रकम, हैरान कर देगी ये कहानी
Cyber Crime उत्तराखंड से साइबर क्राइम से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। देहरादून में साइबर ठगों सीबीआई अफसर बनकर मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर बुजुर्ग महिला से तीन करोड़ नौ लाख रुपए ठग लिए। बुजुर्ग महिला की शिकायत के पर साइबर पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में जुट गई है।
बुजुर्ग महिला ने पुलिस को बताया कि कई दिनों तक आरोपी उनसे लोकेशन को लेकर जानकारी लेते रहे और डराते रहे। साइबर ठगों को रकम ट्रांसफर करने के लिए एफडी तुड़वाई, गोल्ड लोन लिया और शेयर भी बेचे गए। जब पैसे कम पड़े तो उन्होंने साइबर ठगों को पैसे देने के लिए गोल्ड लोन तक ले लिया।

साइबर ठगी के मामले पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। साइबर ठगों के जाल में फंसकर लोग अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी लूटा रहे हैं। लगातार जागरुकता अभियान चलाने के बाद भी लोगों के साथ ठगी के केस सामने आ रहे हैं। एक बार फिर देहरादून में एक बुजुर्ग महिला को साइबर ठगों ने करोड़ों रुपए ठग लिए। बताया गया कि साइबर ठगों ने सीबीआई अफसर बनकर कॉल किया और महिला को मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर तीन करोड़ नौ लाख रुपए ठग लिए।
जानकारी के अनुसार देहरादून निवासी 69 वर्षीय महिला ने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया कि एक सितंबर 2025 को उनके मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति ने कॉल किया था।
फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि वो सीबीआई (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) का अफसर है। उसके साथ ही एक अन्य व्यक्ति ने भी खुद को आईपीएस अफसर बताया।
दोनों ने बुजुर्ग महिला को 68 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग के केस का डर दिखाया। महिला को 68 लाख रुपए के ट्रांसफर की रसीद व्हाट्सएप पर भेजी, जिसके बाद साइबर ठगों ने बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट करने की बात कही। बातचीत के दौरान ठगों ने उन्हें यह भी डर दिखाया था कि अगर उन्होंने इसके सम्बन्ध में किसी से कुछ बताया तो वह इसमें गिरफ्तार हो सकती है, जिसमें उनके बच्चे भी फंस सकते हैं।
इसके बाद अलग-अलग खातों में कराए गए ट्रांसफर शिकायत में बुजुर्ग महिला ने बताया कि 1 सितंबर 2025 के बाद से उनके पास कई बार अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सएप कॉल आते रहे और 9 सितंबर 2025 से 30 अक्टूबर 2025 तक वह साइबर ठगों के अलग-अलग बैंक खातों में 3 करोड़ 9 लाख रुपए ट्रांसफर कर चुकी थी।
बुजुर्ग महिला की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी अकाउंट को भी चेक कर रही है। साइबर पुलिस ने फिर साफ किया है कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई चीज नहीं होती है। इस तरह का दावा करने वाले फ्रॉड होते हैं।












Click it and Unblock the Notifications