उत्तराखंड में सैनिक वोटरों को रिझाने के लिए कांग्रेस ने चला बड़ा दांव, 4 लाख से ज्यादा वोटरों पर नजर
उत्तराखंड में सैनिक वोटरों को रिझाने के लिए कांग्रेस ने चला बड़ा दांव
देहरादून, 1 नवंबर। उत्तराखंड के सैनिक वोटरों को रिझाने के लिए कांग्रेस ने बड़ा दांव खेल दिया है। कांग्रेस चुनाव अभियान की कमान संभाल रहे पूर्व सीएम हरीश रावत ने 20 परसेंट सीटों पर पूर्व सैनिकों को टिकट देने का ऐलान कर भाजपा को चुनौती दी है। सैनिक वोटर भाजपा के कैडर वोट माने जाते हैं। लेकिन इस बार कांग्रेस ने सैनिक वोटरों को रिझाने के लिए हर समीकरण पर फोकस करना शुरू कर दिया है।

इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर 'प्रियदर्शनी शौर्य सम्मान' आयोजित
पूर्व सीएम हरीश रावत ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 20 परसेंट सीट पर प्रत्याशी के रूप में पूर्व सैनिकों को उतारेगी। जो पूर्व सैनिक कांग्रेस से जुड़े हैं, उनसे कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों से जुड़ें। टिकट देने से पहले जीतने की संभावना वाले पूर्व सैनिकों को तरजीह दी जाएगी। रविवार को कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर 'प्रियदर्शनी शौर्य सम्मान' आयोजित हुआ। इस दौरान कार्यक्रम में 300 से अधिक शहीद सैनिकों के स्वजन और पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। कांग्रेस चुनावी साल में सैनिकों को सम्मान करने में जुटी है। इसके लिए कांग्रेसियों को अपने-अपने क्षेत्र में पूर्व सैनिक या सैनिकों के परिजनों के सम्मानित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जो भी कार्यक्रम कांग्रेस कर रही है, उसमें सैनिक परिवारों को जरुर फोकस किया जा रहा है।
भाजपा ने भी सैनिकों को किया सम्मानित
भाजपा ने जहां सैनिक सम्मान यात्रा निकालने का कार्यक्रम तय किया है। वहीं
सैनिक सम्मान समारोह भी आयोजित किए जा रहे हैं। रविवार को कांग्रेस ने देहरादून स्थित कांग्रेस मुख्यालय में सैनिकों का सम्मान किया तो भाजपा ने कोटद्वार में सैनिक सम्मान समारोह आयोजित किया। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों, सैनिक परिवारों और वीरांगनाओं को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के सैनिकों का आत्मविश्वास बढ़ा है, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होली, दिवाली जैसे विशेष कार्यक्रम हमारे देश के वीर सैनिकों के साथ ही मनाते हैं। वन रैंक वन पेंशन के लागू होने से लाखों रिटायर्ड सैनिकों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री के संबोधन में सैनिकों को भाजपा से जोड़ने पर फोकस किया गया।
उत्तर प्रदेश में महिलाएं, उत्तराखंड में सैनिक पर फोकस
उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है। जहां साढ़े 4 लाख से ज्यादा सैनिक वोटर हैं। सैनिक वोटर भाजपा का कैडर वोट माना जाता है। जिसे अपने पक्ष में करने के लिए इस बार कांग्रेस हर तरीके के दांव पर फोकस कर रही है। इसके लिए हर कार्यक्रम में कांग्रेस सैनिक परिवारों का सम्मान करने में जुटी है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस महिलाओं को 40 परसेंट सीटों पर उतारने का ऐलान कर चुकी है। जबकि उत्तराखंड में कांग्रेस 20 परसेंट टिकट देने का दांव चल चुकी है। जो कि आने वाले चुनाव में कांग्रेस को नई संजीवनी देने का काम कर सकती है। पूर्व सैनिकों को टिकट देने का दांव चुनावों में पहली बार कांग्रेस खेल रही हैा जो कि कांग्रेस के लिए उत्तराखंड में सत्ता में लौटने का रास्ता दिखा सकता हैा












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