चमोली हादसे को लेकर बड़ा अपडेट, पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार, जानिए जांच में क्या आया सामने
चमोली के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में हुए हादसे की जांच शुरू हो गई है। इधर चमोली पुलिस ने विघुत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही करने वाले 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
चमोली के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में हुए हादसे की जांच शुरू हो गई है। इधर चमोली पुलिस ने विघुत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही करने वाले 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।विवेचना में एसटीपी प्लांट के संचालन एवं सुपुर्दगी के अनुबंध में गंभीर अनियमितताएं पायी गयी हैं। इस मामले में पुलिस ने पवन चमोला (सुपरवाईजर ज्वांइट वेंचर कम्पनी), महेन्द्र सिंह जयपाल (लाईनमैन उ0ख0 विद्युत विभाग) और हरदेव लाल आर्य (प्रभारी सहायक अभियन्ता उत्तराखण्ड जल संस्थान गोपेश्वर चमोली) को गिरफ्तार किया गया है। अब पुलिस कंपनी और इससे संबंधित अन्य लोगों के बारे में भी जांच पड़ताल कर रही है।

चमोली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 18 जुलाई की रात सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (नमामि गंगे) पुराना बाजार चमोली में ड्यूटीरत ऑपरेटर गणेश का शव 19 जुलाई को सुबह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के बाहर सीढियों के पास पड़ा हुआ मिला। सूचना पर चौकी प्रभारी प्रदीप रावत होमगार्ड के साथ पंचायतनामा की कार्यवाही के लिए घटनास्थल पर पहुंचे थे। प्रथम दृष्टया ऑपेरटर की मृत्यु बिजली के करंट लगने के कारण होना प्रतीत हो रहा था। सम्पूर्ण परिसर में करंट फैले होने की आशंका के तहत पुलिस बल द्वारा परिसर में प्रवेश नहीं किया गया।
विद्युत उपखण्ड कोठियालसैंण में संविदा पर तैनात लाईनमैन सैन सिंह द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में करंट न होने की पुष्टि करने के बाद ही पंचायतनामे की कार्यवाही के लिए एसआई प्रदीप रावत ने पुलिस बल के साथ एसटीपी परिसर में प्रवेश किया गया। इस दौरान वहां मृतक गणेश के शव को न उठाने व मृतक के परिजनों को तत्काल मुआवजा दिए जाने को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण व स्थानीय निवासी जमा हो गये, मौके पर मौजूद पुलिस बल द्वारा लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा था।
इस दौरान लाईनमैन सैन सिंह, सतेन्द्र, गोपाल द्वारा निजमुला-कोठियालसैंण विद्युत लाईन में अल्कापुरी के पास आये फाल्ट को ठीक करने के पश्चात लाईनमैन सैन सिंह द्वारा महेन्द्र सिंह को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में एक व्यक्ति के मृत पड़े होने की सूचना दी गयी। लेकिन महेन्द्र सिंह द्वारा इस पर कोई सावधानीपूर्वक विचार नहीं किया और फॉल्ट मिलने पर समय 11:12 बजे सब स्टेशन कोठियालसैंण से शटडाउन लिया और फॉल्ट ठीक करने पर बिना किसी जांच पडताल के समय लगभग 11:25 बजे शटडाउन वापस ले लिया
जिससे एसटीपी प्लांट पर करंट बढ गया और खुली हुयी लाईन एवं चेंज ओवर में धमाके के साथ चारों तरफ करंट फैल गया जिससे वहां अफरा-तफरी फैल गयी और लोग एक दूसरे पर करंट लगने से गिर गये। जिसके बाद लगभग 11:29 बजे पुलिस के हस्तक्षेप से लाईट बंद करायी गयी व घायलों को स्थानीय पुलिस व प्रशासन के द्वारा जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया जिसमें एसआई प्रदीप रावत व 03 होमगार्ड्स सहित कुल 16 लोगों की मृत्यु हो गयी एंव 11 व्यक्ति घायल हुए।
20 जुलाई को कोतवाली चमोली पर हल्का पटवारी नीरज स्वरूप द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए चमोली के एसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने सीओ चमोली प्रमोद कुमार शाह के नेतृत्व में 03 टीमों का गठन कर ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन में विद्युत उपकरण सुरक्षा मानकों, अनुबंध की शर्तों विद्युत सुरक्षा प्रमाणपत्र आदि बिंदुओं पर गहराई से विवेचना करने के निर्देश दिए।
विवेचना के दौरान विद्युत सुरक्षा विभाग, जल संस्थान के अधिकारियों से वार्ता के बाद एवं निरीक्षण घटनास्थल से इस बात की पुष्टि हुयी कि एसटीपी प्लांट को चलाने वाली ज्वांइट वेंचर कम्पनी 1-ज0बी0एम व 2-कॉन्फिडेंट इंजीनियरिंग इण्डिया प्राईवेट लिमिलेट द्वारा नियुक्त सुपरवाईजर पवन चमोला और प्लांट के संचालन को देख रहे जल संस्थान के प्रभारी सहायक अभियन्ता हरदेव लाल आर्य और ज्वाइंट वेंचर कम्पनी के स्वामियों एवं अधिकारियों ने खतरनाक विद्युत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही बरती और सुरक्षा मानकों के विपरीत चेंज ओवर को बॉक्स के ऊपर रखा और इस प्रकार पूरे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को टीनशैड एवं विद्युत सुचालक लौह धातु से बनी संरचना में इस प्रकार चलाया जा रहा था जिससे 19 जुलाई को बड़ा हादसा हुआ।












Click it and Unblock the Notifications