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सावधान! निवेश के नाम पर मुनाफा कमाने का लालच कर सकता है कंगाल, फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट से लाखों की ठगी

उत्तराखंड की एसटीएफ पुलिस ने फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट बनाकर लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। जो कि फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट बनाकर लोगों को निवेश के नाम पर ठगी करता था। आरोपी ने एक व्यक्ति से 46 लाख की ठगी की।

जिसके बाद पुलिस तक मामला पहुंचा और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ नवनीत सिंह द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि शिकायतकर्ता निवासी डालनवाला, देहरादून ने बताया कि ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म Golden Bridge Investment (gbiltg.com) के माध्यम से निवेश के लिए जोड़ा गया।

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अभियुक्त ने फर्जी वेबसाइट पर नकली प्रमाणपत्र/लाइसेंस प्रदर्शित कर शिकायतकर्ता को वैध प्लेटफ़ॉर्म होने का भ्रम दिया। साथ ही निवेश पर आभासी लाभ दिखाकर अधिक निवेश करवा लिया। जब शिकायतकर्ता ने अपना मूलधन/लाभ वापस लेने का अनुरोध किया तो संचालकों ने विभिन्न बहाने बनाकर बार-बार अग्रिम शुल्क और अतिरिक्त भुगतान माँगे - जिनमें पूंजीगत लाभ कर, मुद्रा रूपांतरण शुल्क और 15% "safeguard money" जैसी मांगें शामिल रहीं।

"Golden Bridge Investment (gbiltg.com)" नामक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट के माध्यम से निवेश के नाम पर उनसे ₹46,01,750/- की ठगी की गई। एसटीएफ ने पूरे मामले की बारीकी से जांच कर आरोपी को दबोचा। प्रकरण का मुख्य अभियुक्त मोहम्मद फैजान पुत्र अनीस निवासी नई बस्ती, जसपुर, जनपद उधमसिंह नगर, उत्तराखंड को गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्त ने "Golden Bridge Investment (gbiltg.com)" नामक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म तैयार कर इंटरनेट पर सक्रिय किया और सोशल मीडिया तथा व्हाट्सएप के माध्यम से निवेश के लिए लोगों को प्रलोभन दिया। पीड़ित को वेबसाइट से जोड़ने के लिए एक महिला ने स्वयं को लॉजिस्टिक कंपनी की उद्यमी बताकर विश्वास में लिया। उसने वेबसाइट पर ट्रेडिंग के माध्यम से उच्च लाभ देने का झांसा दिया। पीड़ित ने 23 अप्रैल 2025 से उक्त वेबसाइट के माध्यम से निवेश आरंभ किया। वेबसाइट पर नकली प्रमाणपत्र एवं लाइसेंस दर्शाकर उसे यह विश्वास दिलाया गया कि प्लेटफ़ॉर्म वैध है।

जब पीड़ित ने लाभ की निकासी करनी चाही, तो अभियुक्तों ने आर.बी.आई. के नाम पर विभिन्न झूठे शुल्क - जैसे पूंजीगत लाभ कर (Capital Gain Tax), मुद्रा रूपांतरण शुल्क (Currency Conversion Fee) और "15% safeguard money" - जमा कराने को कहा।पीड़ित ने इन झूठे शुल्कों का भुगतान विभिन्न खातों में किया, जो अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग व्यक्तियों/संस्थाओं के नाम से संचालित थे।

इस प्रकार अभियुक्तों ने फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट बनाकर तथा झूठे करों और शुल्कों के नाम पर विश्वास में लेकर ₹46,01,750/- की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया। अभियुक्त ने यह भी खुलासा किया कि वह लगातार फर्जी वेबसाइट पर नकली प्रमाणपत्र/लाइसेंस प्रदर्शित कर पहचान पत्र, अलग-अलग मोबाइल नंबर और विभिन्न बैंक खातों का प्रयोग करके धोखाधड़ी करता था, ताकि पीड़ितों को ठगा जा सके और पुलिस की पकड़ से बचा जा सके।

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