पुलिसकर्मियों पर हो कत्ल का मुक़दमा... वसीम की मौत पर AIMIM अध्यक्ष Asaduddin Owaisi ने कह दी बड़ी बात
हरिद्वार के युवक वसीम की मौत के मामले पर सियासत गरमाती जा रही है। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही युवक के साथ मारपीट करने का भी आरोप है।
कांग्रेस ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है, वहीं AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पुलिसकर्मियों पर कत्ल का मुक़दमा करने की मांग की है।

बीते शनिवार को गोवंश संरक्षण की टीम रूड़की के माधोपुर गांव में पहुंची थी। इसी दौरान वसीम निवासी सोहलपुर गाड़ा पुलिस को देखकर तालाब में कूद गया। जिससे उसकी मौत हो गई। वसीम की मौत को लेकर परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। जिसके बाद कांग्रेस ने इस मामले को लेकर डीजीपी से लेकर सीएम धामी तक शिकायत की।
कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांग
वसीम के परिजनों से मिलकर कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग रखी है। इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया के जरिए पोस्ट कर कहा है कि गौ तस्करी के नाम पर उत्तराखंड पुलिस ने मुस्लिम नौजवान वसीम को पीट-पीट कर तालाब में फेंक दिया और झूठी कहानी बना दी के वसीम पुलिस को देखकर तालाब में कूद गया।
ओवैसी की पोस्ट पुलिसकर्मियों पर हो क़त्ल का मुक़दमा
तो फिर वसीम के मुंह और जिस्म पर चोट के निशान कैसे आएं? मीडिया में इसका ज़िक्र भी नहीं है। जो ईरान की महिलाओं और बांग्लादेश के हिंदुओं पर घंटों बात कर सकते हैं उन्हें वसीम की कोई चिंता नहीं। पुलिसकर्मियों पर क़त्ल का मुक़दमा लगना चाहिए।
क्या है पुलिस का पक्ष
पुलिस के अनुसार रुड़की में पुलिस से बचने के लिए एक युवक ने तालाब में छलांग लगा दी और डूबने से युवक की मौत हो गई। पुलिस को युवक के प्रतिबंधित मांस बेचने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस उसकी घेराबंदी कर रही थी। पुलिस द्वारा युवक के शव को तालाब से बाहर निकाला गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
भ्रामक खबरों का खंडन
एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह ने इस पूरे मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि मृतक की मृत्यु पानी में डूबने से हुई है एवं गोली मारे जाने, पैर बंधे होने, दांत टूटने इत्यादि सोशल मीडिया पर चल रही कई भ्रामक ख़बरों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नहीं हुई है। मृतक एवं उसके परिजनों का गोकशी के संदर्भ में अपराधिक इतिहास की जानकारी मिली है।
ख़बरों के अनुसार, गौ तस्करी के नाम पर उत्तराखंड पुलिस ने मुस्लिम नौजवान वसीम को पीट-पीट कर तालाब में फेंक दिया और झूठी कहानी बना दी के वसीम पुलिस को देखकर तालाब में कूद गया। तो फिर वसीम के मुंह और जिस्म पर चोट के निशान कैसे आएं? मीडिया में इसका ज़िक्र भी नहीं है। जो ईरान की…
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) August 29, 2024












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