ये पांच गलतियां नहीं करती कांग्रेस, तो उत्तराखंड में बन जाती सरकार
देहरादून। उत्तराखंड में 70 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे कल यानी कि 10 मार्च को सामने आ गए, जिसमें भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा ने 47 सीटों पर जीत हासिल की है। जबकि कांग्रेस महज 19 सीटों पर सिमट गई। उत्तराखंड की राजनीतिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी पार्टी की लगातार दूसरी बार सरकार बनने जा रही है। इस बार के पांच राज्यों में हुए चुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली है। ऐसे में हम आपको उन 5 कारणों के बारे में बता रहे हैं, जिसके चलते कांग्रेस को उत्तराखंड में हार मिली है।

घोषणापत्र में पर्यटन और सेना कल्याण की नहीं हुई थी बात
कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तराखंड में घोषणा पत्र जारी कर लोगों को लुभाने की कोशिश की थी लेकिन सफलता नहीं मिली। भले ही कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 500 रुपये से कम रखने का वादा किया था, पांच लाख परिवारों को नौकरी, आर्थिक भत्ता, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 40 प्रतिशत आरक्षण का वादा किया था। लेकिन उत्तराखंड के लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना कल्याण और धार्मिक पर्यटन के मुद्दों पर मतदान किया, जिसकी बात भाजपा शुरू से ही कर रही थी।

पार्टी की राष्ट्रीय छवि से राज्य में हुआ नुकसान
चुनाव के दौरान पार्टी में अंदरूनी लड़ाई की खबरें भी सामने आईं। लेकिन कांग्रेस ने जनता को बताने की प्रयास किया कि पार्टी के अंदर सबकुछ ठीक हो गया है और चुनावी वादों का मैनेजमेंट भी बेहतर है लेकिन पार्टी की राष्ट्रीय छवि ने राज्य में नुकसान कर दिया।

राहुल और प्रियंका ने कम की रैलियां
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। भाजपा के पास प्रचारकों की स्टार लिस्ट थी। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी कम से कम तीन दिनों के लिए राज्य में थे, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यहां तक कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी चुनाव से पहले राज्य में कई रैलियां कीं। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने तुलना में कम रैलियां कीं।

भाजपा ने तुष्टीकरण का लगाया आरोप
भाजपा ने हरीश रावत सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। पिछले साल एक चुनावी रैली के दौरान, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल के दौरान, नमाज के लिए राजमार्गों को बंद करने की अनुमति दी थी और राज्य में एक मुस्लिम विश्वविद्यालय का वादा किया था। ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा इन मुद्दों पर वोट हासिल करने में सफल रही।

भाजपा ने खुद को सेना समर्थक पार्टी साबित किया
भाजपा की सेना समर्थक पार्टी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली पार्टी की छवि एक ऐसे राज्य में उसके पक्ष में काम करती दिखाई दी, जिसने भारतीय सेना में उच्च भागीदारी देखी है, और धार्मिक पर्यटन पर निर्भर है।
-
जीत के बाद भी टीम इंडिया से वापस ली जाएगी T20 World Cup की ट्रॉफी? सामने आई बड़ी वजह, फैंस हैरान -
Gold Rate Today: जंग के बीच भारत में लगातार सस्ता हो रहा सोना, इतना गिरा भाव, अब क्या है 22k, 18K गोल्ड का रेट -
Love Story: IFS की ट्रेनिंग के दौरान हिंदू लड़की को दिल दे बैठे थे Hardeep Puri, शादी लिए मिली थी धमकी -
Kim Yo Jong Profile: किम जोंग उन की ‘सबसे ताकतवर बहन’ कौन? ईरान जंग के बीच अमेरिका को खुली धमकी, दुनिया अलर्ट -
US-Iran-Israel War: 11 मार्च तक पूरी तरह खत्म हो जाएगा Iran? US का मास्टर प्लान तैयार, कहा- आज सबसे भयंकर हमले -
Essential Commodities Act: क्या है ECA? ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत में क्यों हुआ लागू -
महीका शर्मा की वजह से पंड्या ब्रदर्स के बीच आई दरार? अचानक बिखरा परिवार! चुप्पी ने मचाया शोर -
Gold Silver Rate: सोना ₹8797 सस्ता, चांदी में बंपर गिरावट,₹29,729 सस्ती, आज कितने में मिला है रहा गोल्ड-सिल्वर -
Budh Nakshatra Parivartan 2026: बुध का हुआ नक्षत्र परिवर्तन, इन 3 राशियों पर गिर सकती है गाज, संभलकर रहें -
जीत के जश्न में भारी बवाल! Kirti Azad ने भारतीय टीम की हरकत को बताया शर्मनाक, ईशान किशन ने दिया तगड़ा जवाब -
आज का तुला राशिफल 10 मार्च 2026: व्यस्तता भरा रहेगा दिन, दिल से रहेंगे खुश लेकिन हो सकता है खर्चा -
Ladli Behna Yojana: इस दिन खातों में आएंगे 1500 रुपये, CM मोहन यादव करेंगे ट्रांसफर, जानिए तारीख












Click it and Unblock the Notifications