'नहीं हुए योगी सरकार के वादे पूरे', हाथरस रेप पीड़िता के परिवार से मिले राहुल गांधी, पिता ने लिखी थी चिट्ठी
Rahul Gandhi News: साल 2020 में हुए हाथरस कांड ने सभी को हिलाकर रख दिया था और प्रदेश ही नहीं, देश में सियासी तूफान खड़ा कर दिया था। अब यह मामला एक बार फिर से चर्चाओं में आ गया है। दरअसल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार 12 दिसंबर को हाथरस पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकत की और उसके बाद वह दिल्ली रवाना हो गए।
राहुल गांधी के अचानक से पीड़िता परिवार से मिलने हाथरस पहुंचे के बाद यह मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2020 में यहां एक दलित युवती के साथ दरिंदगी हुई थी। पीड़िता ने दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में इलाज के दौरान 29 सितंबर 2020 को दम तोड़ दिया था।

योगी सरकार ने नहीं किए पूरे वादे
रेप पीड़िता के पिता ने प्रदेश की योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसी साल राहुल गांधी को एक चिट्ठी लिखी थी। पीड़िता के पिता ने यह चिट्ठी 2 जुलाई को लिखी थी। चिट्ठी में पीड़िता के पिता ने लिखा था कि 4 साल से कैद में हूं। न कोई रोजगार है। न ही रोजगार के लिए कोई बाहर जा पा रहा है। सरकार ने वादे भी पूरे नहीं किए।
न घर मिला, न नौकरी
पीड़िता के पिता ने आगे लिखा था कि उन्हें न घर मिला और न ही नौकरी दी गई। चार साल से हम जेल जैसी स्थिती में रह रहे हैं। घर के चारों तरफ पुलिस बैठी है और अपराधी खुले में घूम रहे हैं। लेकिन, हम घर में पिछले चार साल से जैल जैसी स्थिति में रह रहे हैं। बेटियों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। मेरे परिवार की आर्थिक-मानसिक स्थिति अच्छी नहीं है।
अचानक से हाथरस पहुंचे राहुल गांधी
वहीं, अब पांच महीने बाद राहुल गांधी अचानक से पीड़ित परिवार से मिलने हाथरस पहुंच गए। यहां राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से करीब 45 मिनट तक बातचीत की। इसके बाद राहुल गांधी वहां से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। खबर के मुताबिक, पीड़ित परिवार ने राहुल गांधी से एसडीएम की शिकायत की है।
क्या है हाथरस कांड?
दरअसल, 4 साल पहले 14 सितंबर 2020 को हाथरस के बूलगढ़ी गांव में 19 साल की दलित युवती के साथ दरिंदगी हुई थी। पीड़िता अपनी मां साथ स्थानीय चंदपा थाने पहुंची और FIR दर्ज करवाई। हालांकि, मामले तूल उस वक्त पकड़ा जब 29 सितंबर 2020 को युवती ने दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
सहमति के बिना पुलिस ने किया था अंतिम संस्कार
खबर के मुताबिक, पुलिस ने घरवालों की सहमति के बिना युवती का रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया था। पुलिस ने शुरुआती जांच में दावा किया कि मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं है और न ही पीड़िता की जीभ काटी गई और न ही उसकी रीढ़ की हड्डी टूटी है। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ा और SIT गठित के आदेश दिए गए।
सीएम योगी ने दिए थे CBI जांच के आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर को जांच रिपोर्ट के आधार पर हाथरस के एसपी विक्रांत वीर, डिप्टी एसपी और स्थानीय इंस्पेक्टर चंदपा को सस्पेंड कर दिया गया था। अगले ही दिन इस मामले में CBI जांच के आदेश दे दिए गए। CBI ने इस मामले में गैंग रेप और हत्या की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की और 35 लोगों की गवाही करवाई थी।












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