किन्नरों के सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान में जुटी योगी सरकार, जानिए सरकार ने क्यों लिए ये बड़े फैसले
लखनऊ, 20 अप्रैल: उत्तर प्रदेश में किन्नरों के सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए अब योगी सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। योगी की पहली सरकार के दौरान किन्नरों के विकास के लिए किन्नर विकास बोर्ड का गठन किया गया था और सोनम किन्नर को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। तब ये कहा गया था कि यूपी में पांच लाख किन्नरों को साधने के लिए सरकार ने यह पहल की है। इसका लाभ भी बीजेपी को चुनाव के दौरान उस समय मिला जब किन्नरों ने पूरे यूपी में बीजेपी के पक्ष में घर घर जाकर योगी के लिए वोट मांगे थे। चुनाव के बाद सरकार बनने पर अब सरकार ने किन्नरों के सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए बड़ा कदम उठाया है ताकि इन्हें इस बात का भरोसा दिया जा सके उनके लिए सरकार कुछ कर रही है। इसके पीछे की मंशा यह भी है कि आने वाले आम चुनाव तक इस समाज को जोड़े रखा जाए ताकि उसका लाभ मिल सके।

किन्नरों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास
ट्रांसजेंडर पोर्टल असीम अरुण की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर किन्नर कल्याण बोर्ड की पहली बैठक बापू भवन में हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेश किन्नर बोर्ड को सोशल मीडिया से जोड़ने के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज बनाए जाएं। वेबसाइट बनाने पर भी सहमति बनी है। ट्रांसजेंडर के नाम पर फर्जी लोगों का रजिस्ट्रेशन बंद होना चाहिए। किन्नरों को मुख्यधारा में लाने के लिए योगी सरकार प्रयास करती नजर आ रही है। समाज की मुख्यधारा से दूर होने के कारण ट्रांसजेंडर समाज के लोग लगातार पिछड़ रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में किन्नर भी आपराधिक घटनाओं के शिकार होते हैं, किन्नरों की स्थिति में सुधार के लिए अब उनका पंजीयन कराकर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

किन्नरों को शिक्षित करेगी योगी सरकार
योगी सरकार ने किन्नरों की बेहतरी के लिए कई फैसले लिए हैं, वहीं समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा है कि किन्नरों को मुख्यधारा में लाने के लिए भारत सरकार के ट्रांसजेंडर पोर्टल पर उनका पंजीकरण तेजी से किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया है कि ट्रांसजेंडरों को शिक्षित करने के लिए स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। उनकी सुरक्षा के लिए हर थाने में सुरक्षा प्रकोष्ठ भी स्थापित किया जाएगा। जहां किन्नरों की शिकायतों का जल्द समाधान किया जाएगा।

किन्नरों को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेगी सरकार
बैठक में लिया गया फैसला असीम अरुण की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर किन्नर कल्याण बोर्ड की पहली बैठक में निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेश किन्नर बोर्ड को सोशल मीडिया से जोड़ने के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज बनाए जाएं। वेबसाइट बनाने पर भी सहमति बनी है। ट्रांसजेंडर के नाम पर फर्जी लोगों का रजिस्ट्रेशन बंद होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर शिविर लगाकर अधिकतम पंजीकरण पोर्टल पर किया जाए। इस समुदाय के जो लोग पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं, उनका भी आसानी से पंजीकरण किया जा सकता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए इनको जोड़ने की कवायद
ट्रांसजेंडर समुदाय की कॉलोनियों में निवास स्थानों की पहचान की जाए और वहां रहने वाले बीपीएल श्रेणी के ट्रांसजेंडरों को सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उनके उत्थान के लिए राज्य स्तर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाए। ट्रांसजेंडरों के लिए काम करने वाले एनजीओ व्यक्तियों को पुरस्कृत किया जाना चाहिए। मुख्यधारा में शामिल करने के प्रयास किए जाएंगे जहां एक तरफ ट्रांसजेंडरों के उत्थान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ योगी आदित्यनाथ की सरकार किन्नरों को शिक्षित कर मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है।












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