फिर बोले योगी- ताजमहल हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं, राम मंदिर का मुद्दा उठने से खुशी
वाराणसी। राम मंदिर का मामला फिर से उठने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुश हैं। रविवार को एक निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में योगी ने कहा कि इस विवाद को सुलझाने के लिए हिन्दुओं और मुस्लिमों बात करनी चाहिए। 44 वर्षीय योगी आदित्यनाथ मई महीने में प्रदेश के फैजाबाद स्थित अयोध्या गए थे।

योगी बीते 15 साल में ऐसा करने वाले पहले मुख्यमंत्री बने। वाराणसी में हुए इस साक्षात्कार के दौरान योगी ने कहा कि लोगों में राम मंदिर के लिए उम्मीद जागना अच्छा बात है। गौरतलब है कि अस्थायी मंदिर, 2.7 एकड़ विवादित भूखंड के भीतर स्थित है, जहां 6 दिसंबर, 1992 को विश्व हिंदू परिषद के हजारों कार्यकर्ताओं या समर्थकों द्वारा ध्वस्त करने से पहले मुग़ल युग की बाबरी मस्जिद खड़ी था। कई हिंदुओं का मानना है कि मस्जिद, भगवान राम के जन्मस्थान के ऊपर बनाया गया था।
मारे गए थे 3,000 लोग
विध्वंस के चलते पूरे देश में दंगों की शुरुआत हुई थी जिसमें 3,000 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी गई थी। कई मुस्लिम समूह मस्जिद का पुनर्निर्माण चाहते हैं।
इस दौरान गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी योगी, ताजमहल पर अपने हालिया बयान को दोहराया है कि विश्व में सबसे लोकप्रिय मुगल-काल के स्मारक को भारतीय संस्कृति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। योगी ने कहा कि यह भारत की पहचान नहीं है, लेकिन दलील दी कि हिंदू धर्म सबसे धर्मनिरपेक्ष धर्म है।
सहारनपुर पर बोले योगी
सहारनपुर के मसले पर योगी ने कहा कि झड़पों के पीछे खनन माफिया था और फिर संघर्ष जातिवाद में बदलने की साजिश थी। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था में अब सुधार हुआ है, और आपराधिक मामलों में एफआईआर और आरोप पत्र दाखिल किए जा रहे हैं।
योगी ने अवैध स्लॉटरहाउसों को बंद कराने के पीछे सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेशों का हवाला दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय सुरक्षा सनातन हिंदू परंपरा है लेकिन किसी को भी गौ रक्षा "के नाम पर अपने हाथों में कानून लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications