जिस काम में खोए दोनों हाथ उसी काम में हासिल की महारथ, हर कोई करता है इन्हें सलाम
अशरफ इस समय B.Sc. फर्स्ट इयर का छात्र है और अपनी टायर-पंचर की दुकान करता है। हैरानी कि बात ये है की अशरफ हाथ न होने के बावजूद भी कार को सड़क पर फर्राटे से दौड़ाता है और उसे बनाना तो चुटकियों का काम है।
मुरादाबाद। दोनों हाथ गवाने के बाद भी इनका हुनर देखकर लोग इन्हें सलाम करते हैं। पिता की गरीबी देखकर हाथ बटाने वाले इस बेटे ने इतने हुनर सिख लिए की आप सोचते-सोचते हैरान हो जाएंगे। मुरादाबाद इलाके के मोहम्मद बस्तौर गांव के रहने वाले अशरफ हुसैन टायर पंचर की दुकान करते हैं। आपको बता दें कि 10 साल पहले अशरफ की दुकान पर एक नगर पालिका का पानी टेंक का ट्रैक्टर हवा डलवाने आया था। जिसमें टायर फटने की दुर्घटना से अशरफ घायल हो गया। इस घटना ने अशरफ के दोनों हाथ काट दिए। अशरफ उस समय 10 साल का था। बावजूद इसके अशरफ ने हार नहीं मानी और अपने हौसले को कायम रखा।


अशरफ इस समय बीएससी फर्स्ट इयर का छात्र है और अपनी टायर-पंचर की दुकान करता है। अशरफ ट्रैक्टर-कार-ट्रक के पंचर थोड़ी देर में ही जोड़ देता है। हैरानी कि बात ये है की अशरफ हाथ न होने के बावजूद भी कार को सड़कों पर फर्राटे से दौड़ाता है। यहां तक कि अशरफ साइकिल से लेकर कार, ट्रैक्टर, बाइक चलाने में एक्सपर्ट हो चूका है।



डॉक्टर बनने की है तमन्ना
हाथ न होने के बावजूद भी अशरफ हुसैन दुकान पर बैठकर खाली समय में लैपटॉप सीखता है। अपनी बीएससी की पढ़ाई के बाद अशरफ डॉक्टर बनने की इच्चा रखता है। परिजन भी उसकी इच्छा पूरी कराने के लिए दावा करते हैं। अशरफ ने बताया कि अपना हौसला कायम रहे तो कुछ भी मुश्किल नहीं होता।


प्रधानमंत्री के 'मन की बात' से भी प्रेरित हैं अशरफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम से भी अशरफ काफी प्रभावित हुए हैं और आशा करते हैं कि पीएम मोदी उनके जैसे लोगों के लिए सार्थक फैसले लेंगे।












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