क्या विधानसभा चुनाव के बीच ही BJP को झटका देगा सांसद रीता जोशी का परिवार, जानिए

लखनऊ, 24 फरवरी: आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए लखनऊ कैंट सीट से भाजपा का टिकट हासिल करने में विफल रहने के बाद, पार्टी की इलाहाबाद सांसद रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक जोशी के समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने की संभावना बढ़ गई है। मयंक का अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा में शामिल होना भाजपा के लिए एक और झटका होगा क्योंकि इस महीने की शुरुआत में तीन मंत्रियों सहित लगभग एक दर्जन विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी। मयंक यदि सपा में जाते हैं तो लखनऊ से लेकर प्रयागराज तक समाजवादी पार्टी को फायदा हो सकता है।

मतदान से एक दिन पहले अखिलेश से मिलने का मतलतब

मतदान से एक दिन पहले अखिलेश से मिलने का मतलतब

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में प्रयागराज से सांसद रीता जोशी के बेटे मयंक जोशी ने मतदान से ठीक एक दिन पहले सपा के चीफ अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। ऐसा माना जा रहा है कि टिकट न मिलने से बहुगुणा परिवार नाराज है और वह कभी भी पार्टी छोड़ सकता है। हालांकि सूत्रों की माने तो जिस तरह स्वामी प्रसाद ने बीजेपी छोड़ दी लेकिन उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य ने सांसदी से त्यागपत्र नहीं दिया उसी तरह रीता जोशी के बेटे सपा में शामिल हो सकते हैं लेकिन रीता जोशी प्रयागराज से सांसद होने के नाते अभी बीजेपी से जुड़ी रह सकती हैं। इससे उनकी सांसदी भी बच जाएगी।

योगी सरकार के तीन मंत्रियों ने दिया था इस्तीफा

योगी सरकार के तीन मंत्रियों ने दिया था इस्तीफा

योगी सरकार के तीन मंत्री - स्वामी प्रसाद मौर्य, दारा सिंह चौहान और धर्म सिंह सैनी - ओबीसी श्रेणी के थे, मयंक एक ब्राह्मण हैं। उनके सपा में शामिल होने से भाजपा की पहले से ही खराब हुई ब्राह्मण-विरोधी छवि को झटका लगेगा। ब्राह्मणों का एक वर्ग महसूस करता है कि भाजपा ने उनकी उपेक्षा की और राज्य में ठाकुरों को बढ़ावा दिया। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चंद ने एक पोस्ट में कहा, "रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक आज शाम समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। शाम चार बजे लखनऊ से सपा के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई गई है।

रीता ने कैंट सीट से मयंक के लिए मांगा था टिकट

रीता ने कैंट सीट से मयंक के लिए मांगा था टिकट

रीता ने अपने बेटे के लिए लखनऊ कैंट से टिकट मांगा था कि वह 2009 से निर्वाचन क्षेत्र में काम कर रहा है। 18 जनवरी को उन्होंने पुष्टि की कि मयंक जोशी ने लखनऊ कैंट से टिकट के लिए आवेदन किया था। यदि भाजपा प्रति परिवार केवल एक व्यक्ति को टिकट देने के लिए सख्त होना चाहती है तो उसने अपनी लोकसभा सीट से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर मयंक को लखनऊ कैंट से टिकट दिलाने के बदले इस्तीफे की पेशकश की थी. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह भाजपा नहीं छोड़ेंगी और हमेशा पार्टी के लिए काम करती रहेंगी।

मुलायम की बहु अपर्णा भी थीं कैंट सीट की दावेदार

मुलायम की बहु अपर्णा भी थीं कैंट सीट की दावेदार

सपा संस्थापक और अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा बिष्ट यादव ने पार्टी छोड़ दी और दिल्ली में एक बहुप्रचारित कार्यक्रम में भाजपा में शामिल हो गईं थीं। दरअसल 2017 का यूपी विधानसभा चुनाव सपा के टिकट पर लखनऊ कैंट से रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ लड़ा था और हार गई थीं। ऐसी अटकलें थीं कि बीजेपी अपर्णा यादव को लखनऊ कैंट से मैदान में उतार सकती है लेकिन सारी अफवाहों पर विराम देते हुए बीजेपी ने कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक पर दांव लगाया है।

मयंक ने अखिलेश से मुलाकात को लेकर दी सफाई

मयंक ने अखिलेश से मुलाकात को लेकर दी सफाई

दरअसल रीता जोशी के बेटे मयंक जोशी ने अखिलेश यादव की मुलाकात को औपचारिक करार दिया है। मयंक का कहना है कि मिलने में हर्ज क्या है। पहले से मुलाकात तय थी। जब अखिलेश जी को समय मिला तो उन्होंने बुलाया। मैं मिलने गया था। इसका मतलब यह नहीं की मैं बीजेपी छोड़ रहा हूं। मयंक जोशी ने कहा कि सीएम योगी भी मुलायम सिंह यादव से मिलते रहते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि वह बीजेपी छोड़ रहे हैं। यह एक कर्टसी मुलाकात से ज्यादा कुछ नहीं थी। हालांकि मयंक जोशी लाख सफाई दें लेकिन मुलाकात की टाइमिंग को लेकर सवाल तो उठ ही रहे हैं कि वह कब तक बीजेपी में बने रहेंगे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+