सपा नेता विनय शंकर तिवारी पर ED का शिकंजा! नोएडा-लखनऊ समेत 8 ठिकानों पर रेड, क्या है 754Cr ठगी का ताना-बाना?
Who is Vinay Shankar Tiwari: सोमवार, 7 अप्रैल की सुबह जब देशभर में दिन की शुरुआत हो रही थी, उसी वक्त प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम लखनऊ, गोरखपुर, नोएडा और दिल्ली में सपा नेता विनय शंकर तिवारी के ठिकानों पर छापेमारी (ED Raid) कर रही थी। वजह? एक भारी-भरकम बैंक घोटाला, जिसकी रकम 754 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।
विनय शंकर तिवारी, गंभीर आरोपों के घेरे में हैं। उनकी कंपनी गंगोत्री इंटरप्राइजेज लिमिटेड पर आरोप है कि उसने बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई में सात बैंकों से 1129.44 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट सुविधा ली और फिर उस पैसे का गलत इस्तेमाल किया। आइए जानते हैं विस्तार से पूरा मामला...

Who is Vinay Shankar Tiwari: कौन है विनय शंकर तिवारी? क्या है मामला?
दरअसल, विनय शंकर तिवारी, पूर्वांचल के दमदार नेता पंडित हरिशंकर तिवारी का बेटा है। विनय, एक कंपनी के प्रमोटर हैं, जिसका नाम है गंगोत्री इंटरप्राइजेज लिमिटेड। इस कंपनी ने बैंक ऑफ इंडिया और 6 अन्य बैंकों से कुल मिलाकर 1129 करोड़ रुपये का लोन लिया था। लेकिन, ईडी का आरोप है कि ये पैसा सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हुआ, बल्कि निजी संपत्तियों में लगा दिया गया।
किन-किन जगहों पर रेड हुई?
लखनऊ, नोएडा, गोरखपुर, मुंबई और दिल्ली में रेड की गई। यहां तक कि महाराजगंज में उनके रिश्तेदार दीपक पांडेय के घर भी ED की टीम पहुंची। टीम ने दस्तावेज खंगाले और परिवार के लोगों से पूछताछ की।
कौन-कौन हैं इस केस में शामिल?
ED के मुताबिक, इस धोखाधड़ी में विनय शंकर तिवारी के साथ उनकी पत्नी रीता तिवारी, सहयोगी अजीत पांडेय, और कुछ और कंपनियां भी शामिल हैं। इन लोगों की कई करोड़ की संपत्तियां जब्त भी की जा चुकी हैं।
विनय तिवारी का राजनीतिक सफर
विनय शंकर तिवारी ने 2007 में राजनीति में कदम रखा। 2017 में वो पहली बार बसपा के टिकट पर विधायक बने और 2022 में समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। उनके पिता हरिशंकर तिवारी भी कभी चिल्लूपार से विधायक रह चुके हैं।
परिवार का क्या कहना है?
विनय तिवारी के भाई ने कहा कि ED को कोई खास सबूत नहीं मिला और सरकार दबाव बनाने के लिए ऐसी कार्रवाई कर रही है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में ऐसी कार्रवाई गलत है।












Click it and Unblock the Notifications