यूपी में 2017 के चुनाव में बहुत कम अंतर से किस पार्टी ने जीती थी सबसे ज्यादा सीट ? पूरा आंकड़ा देखिए
लखनऊ, 18 जनवरी: उत्तर प्रदेश में 2017 के चुनावों में करीब 10 फीसदी सीटें ऐसी थीं, जहां हार-जीत का अंतर 5,000 से भी कम वोटों से रहा था। इनमें से कई सीटों पर तो यह अंतर एक हजार से भी कम था और कुछ पर तो सैकड़ों में ही हार-जीत तय हो गई थी। जाहिर है कि ऐसी सीटों के बारे में कभी भी कुछ दावे के साथ अनुमान नहीं लगाया जा सकता। वोटरों के थोड़ा इधर-उधर होने पर भी इन सीटों के परिणाम बदल सकते हैं। इसलिए यह जानना अहम है कि ऐसी 47 सीटों पर सबसे ज्यादा दांव इस बार किस पार्टी का लगा हुआ है। क्योंकि, जो दल ऐसी सीटें ज्यादा जीते होंगे, उनके लिए इस बार भी उसे सुरक्षित बचाए रखना बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

47 सीटों पर 5,000 से भी कम वोटों में हुई हार और जीत
उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में 47 सीटें ऐसी थीं, जिसमें उम्मीदवारों को 5,000 से भी कम वोटों से जीत मिली थी। इनमें से भी 8 सीटें तक ऐसी थी, जिसपर 1,000 से भी कम वोटों के अंतर से फैसला हुआ था। यानी ये सारी सीटें ऐसी हैं, जिसकी चाबी इस बार फ्लोटिंग वोटर के हाथों में होगी। मतलब थोड़ा सा भी स्विंग किसी पार्टी का खेल बना और बिगाड़ सकता है। जाहिर है कि बीजेपी ने पिछली बार 403 सीटों में से 312 पर फतह हासिल की थी तो कम मार्जिन से जीत वाली सीटों में भी उसका हिस्सा बड़ा रहा है। लेकिन, सिर्फ 47 सीटें जीतने वाली समाजवादी पार्टी भी अपनी सीटों के मुकाबले कम अंतर से जीतने वाली सीटों में ज्यादा पीछे नहीं है।

बीजेपी 23 सीटों पर 5,000 से भी कम वोटों से जीती थी
ये आंकड़े बता रहे हैं कि पिछले चुनाव में यूपी में लगभग हर 10वीं विधानसभा सीट पर हार और जीत का अंतर बहुत ही कम वोटों से हुआ था। राज्य में इन 47 सीटों में से बीजेपी को 23 सीटें मिली थीं, लेकिन वह इनमें से 15 सीटों पर दूसरे नंबर पर भी रही थी। वहीं समाजवादी पार्टी के खाते में इनमें से 13 सीटें गई थीं। जबकि महज 19 सीटें जीतने वाली बहुजन समाज पार्टी के खाते में 8 सीट इन्हीं कम मार्जिन वाले क्षेत्रों में थी। बाकी कांग्रेस, आरएलडी और अपना दल (सोनेलाल) भी एक-एक सीट 5,000 से भी कम अंतर से जीत पाई थी।

डुमरियागंज सीट सिर्फ 171 वोटों से जीती थी भाजपा
2017 में मतदाताओं ने जिन 8 सीटों पर 1,000 से भी कम वोटों से हार-जीत का फैसला किया था, उनमें से 5 पर बीजेपी विजयी रही थी। ये सीटें हैं- डुमरियागंज, मीरापुर, श्रावस्ती, मोहम्मदाबाद-गोहना (सुरक्षित) और रामपुर मनिहारान। बीएसपी मांट और मुबारकपुर में एक हजार से भी कम वोटों से जीती थी। वहीं समाजवादी पार्टी को मोहनलालगंज में एक हजार से भी कम वोटों से जीत मिली थी। डुमरियागंज के वोटरों ने प्रदेश में सबसे कम मतों के अंतर से फैसला किया था और बीजेपी के राघवेंद्र प्रताप सिंह ने यहां बीएसपी की सईदा खातून को महज 171 वोटों से हराया था।

मीरापुर सीट सिर्फ 193 वोटों से हारी थी सपा
मीरापुर सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार अवतार सिंह भड़ाना ने सपा के लियाकत अली को सिर्फ 193 वोटों के अंतर से हराया था। भड़ाना इसी महीने भाजपा छोड़कर जयंत चौधरी के आरएलडी में जा चुके हैं। जिन 9 सीटों पर 1,000 से 2,000 वोटों के अंतर से फैसला हुआ था, वे हैं- दुद्धी, भदोही, पट्टी, मटेरा,बांसडीह,टांडा,मोहम्मदाबाद, ऊंचाहार और भरथना। जबकि,10 सीटों पर हार और जीत का फैसला 2,000 से 3,000 वोटों का रहा था। ये सीटें हैं- नजीबाबाद, लालगंज, गैंसड़ी, कांठ, फरेंदा, बादलपुर, कन्नौज, अतरौलिया, सिधौली और प्रतापपुर।

इन सीटों पर भी कम वोटों से हुआ हार और जीत का फैसला
वहीं मुरादाबाद नगर, जंगीपुर, धौरहरा,चिल्लूपार, आंवला, धौलाना, दीदारगंज, हरचंदपुर, माहोली, पटियाली, छपरौली और बिधूना में 3,000 से 4,000 वोटों के अंतर से परिणाम आया था। जबकि, 8 सीटों पर वोटरों ने 4,000 से 5,000 मतों के अंतर से अपना फैसला सुनाया था। ये विधानसभा क्षेत्र हैं- नकुड़, मंझनपुर, मछलीशहर, इसौली,सहसवान, गोरखपुर ग्रामीण और सहारनपुर नगर।












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