जानिए क्या कर रहे थे अखिलेश यादव जब गुजरात के जवान शहीद हुए
गुजरात के जवानों की शहादत पर अखिलेश यादव के बयान के पीछे की हकीकत, कई गुजरात के जवान हो चुके हैं शहीद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सेना के जवानों पर दिए गए अपने हालिया बयान के चलते जबरदस्त आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने देश की सीमाओं पर शहीद हो रहे जवानों की क्षेत्रीयता पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि जो जवान शहीद होते हैं उसमें एक भी गुजरात के जवान का नाम क्यों नहीं होता है। उन्होंने मीडिया के सामने सवाल पूछते हुए कहा था कि आप बताइए क्या एक भी गुजरात का जवान शहीद हुआ।

विजय रूपानी ने बताया ओझी राजनीति
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद तमाम लोगों ने उनकी आलोचना की और उनपर सवाल खड़ा किया, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने कहा कि यह उनकी ओछी राजनीति को दर्शाता है। रूपानी ने कहा कि यूपी की हार के बाद यह अखिलेश यादव की भड़ास है जो बाहर निकल रही है, इस तरह का बयान देकर वह अपनी ओछी राजनीतिक सोच को लोगों के सामने रख रहे हैं।

क्या कहा था अखिलेश ने
आपको बता दें कि अखिलेश यादव ने मीडिया के सामने कहा था कि यूपी, मध्य प्रदेश, दक्षिण भारत हर जगह से शहीद हुए हैं, गुजरात का कोई जवान शहीद हुआ हो तो बताओ, अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके उन्होंने मीडिया को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि मीडिया सिर्फ यह क्यों बताता है कि सेना के जवान का सिर काटा गया, उसे यह भी बताना चाहिए कि जवान के और किन अंगों को काटा गया है।

गुजरात के कई जवान हुए शहीद
बहरहाल अखिलेश यादव ने जिस वक्त यह बयान दिया वह शायद कुछ महीने पहले की शहादत को भूल गए जिसमें गुजरात के दो जवान हिमस्खलन में शहीद हो गए थे। ये दोनों जवान जम्मू-कश्मीर के सबसे दुर्गम इलाकों में से एक गुरेज और माछिल में तैनात थे, इन दोनों ही जवानों की हिमस्खलन के बाद बर्फ में दबकर मौत हो गई थी, जिसके बाद इन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ इनके गृहक्षेत्र में अंतिम विदाई दी गई थी।

उरी में भी शहीद हुआ था जवान
गुजरात के जो दो जवान शहीद हुए थे उनमें से एक थे सुनील पटेल, जिनकी उम्र महज 24 वर्ष थी और वह भावनगर के पंचमहल गांव के रहने वाले थे, जबकि दूसरे जवान देव परमार की उम्र महज 26 वर्ष थी और कर्माडिया के रहने वाले थे। इनके शव को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से वड़ोदरा लाया गया था। इन जवानों की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और इन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी थी। वहीं पिछले वर्ष उरी में हुए आतंकी हमले में भी गुजरात के एक जवान को गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उसकी सेना के अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। गुजरात के इस जवान की मौत के बाद उरी में शहीद होने वाले जवानों की संख्या 19 पहुंच गई थी।

अखिलेश यादव चुनाव में व्यस्त थे
बहरहाल गुजरात के इन जवानों की जानकारी देकर हम आपको यह साबित करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं कि गुजरात के जवान भी शहीद हुए थे, बल्कि यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि जब देश का कोई जवान शहीद होता है तो वह किसी राज्य का नहीं बल्कि पूरे देश का जवान होता है। लेकिन जिस तरह से अखिलेश यादव ने शहीदों की क्षेत्रीयता पर सवाल खड़ा किया है वह उनकी राजनीति सोच को जरूर लोगों के सामने रखती है। यहां एक बात जो गौर करने वाली है वह यह कि जिस वक्त जम्मू कश्मीर में गुजरात के दो जवान हिमस्खलन से शहीद हुए थे उस वक्त अखिलेश यादव अपने पारिवारिक विवाद और यूपी के चुनाव में व्यस्त थे।












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