Oil Price Crash: ट्रंप के डील बयान के बाद कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट, क्या भारत में घटे पेट्रोल के दाम?
Oil Price Crash: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है, ये अपने दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। ब्रेंट क्रूड और WTI के दाम काफी कम गए हैं, जिसके पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता इस वीकेंड पर हो जाएगा।
'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के मुताबिक इस वक्त अमेरिकी कच्चे तेल के वायदा भाव 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है जो कि होरमुज़ स्ट्रेट के तनाव के कारण काफी बढ़ा हुआ था।

क्यों गिरे तेल के दाम?
तेल बाजार लंबे समय से पश्चिम एशिया में तनाव और आपूर्ति बाधित होने की आशंका से प्रभावित रहा है। लेकिन ट्रंप के बयान के बाद निवेशकों को उम्मीद जगी कि अमेरिका-ईरान के बीच चल रहा टकराव कम हो सकता है और रणनीतिक जलमार्ग Strait of Hormuz दोबारा सामान्य रूप से खुल सकता है। इससे तेल की आपूर्ति बढ़ने की संभावना बनी और कीमतों पर दबाव आया।
भारत पर क्या होगा असर?
भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चा तेल आयातकों में शामिल है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता रहता है तो इससे भारत का आयात बिल कम हो सकता है। साथ ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव घट सकता है और महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि घरेलू ईंधन कीमतों पर आज कोई असर नहीं हुआ है।
क्या बोले एक्सपर्ट?
मार्केट विशेषज्ञ रवि चोपड़ा ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा कि तेल बाजार पूरी तरह भू-राजनीतिक खबरों पर निर्भर है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाता है और Strait of Hormuz में सामान्य गतिविधियां बहाल हो जाती हैं, तो तेल की कीमतों में और नरमी आ सकती है। लेकिन यदि वार्ता विफल होती है, तो कीमतों में फिर तेज उछाल देखने को मिल सकता है।

शहर पेट्रोल का रेट (प्रति लीटर)
- नई दिल्ली-102.12
- मुंबई-111.21
- कोलकाता-113.51
- चेन्नई-107.77
- नोएडा-102.12
- लखनऊ- 101.89
- बेंगलुरु- 98.81
शहर डीजल रेट (प्रति लीटर)
- नई दिल्ली-95.20
- मुंबई-99.55
- कोलकाता-99.82
- चेन्नई-99.55
- नोएडा-97.56
- लखनऊ- 95.36
- बेंगलुरु- 98.81

कितना सस्ता हुआ कच्चा तेल?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड करीब 1.5% गिरकर 89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड 1.9% फिसलकर 86 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया। यह दोनों बेंचमार्क के लिए लगभग दो महीने का निचला स्तर है।
क्या वास्तव में होने वाला है समझौता?
हालांकि ट्रंप ने दावा किया है कि समझौता जल्द हो सकता है, लेकिन ईरान ने अभी तक किसी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं की है। ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि बातचीत जारी है और कुछ अहम मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है।














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