Diesel Sales: 'एक दिन में 200 लीटर ही मिलेगा डीजल', मोदी सरकार ने क्यों तय की ब्रिकी सीमा? क्या है नियम?
Diesel Sales: एक और जहां डोनाल्ड ट्रंप के डील बयान के बाद क्रूड ऑयल के दाम घटे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत सरकार ने डीजल को लेकर एक बड़ा फैसला किया है, उसने जमाखोरी रोकने वालों के आज से डीजल बिक्री पर सीमा तय कर दी है जिसके तहत अब पेट्रोल पंप पर एक ग्राहक को एक दिन में केवल 200 लीटर ही डीजल मिलेगा।
हालांकि सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है, ये निर्णय केवल कालाबजारी को रोकने के लिए किया गया है। व्यावसायिक ग्राहकों के लिए अलग नियम हैं। उन्हें डिपो से ईंधन खरीदना होगा। उन्हें अपनी अधिकृत सुविधाओं का उपयोग करना है, यह खुदरा नेटवर्क के लिए जरूरी है।बड़े उपभोक्ताओं को ये नियम मानने होंगे।

यह फैसला अस्थायी रूप से लागू है। इसकी अवधि अधिकतम 90 दिन होगी। स्थिति देखते हुए बदलाव हो सकते हैं। तेल कंपनियों को सख्त आदेश दिया गया है। पेट्रोल पंप मालिक नियम का पालन करें। मालूम हो कि सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत ये आदेश जारी किया है।
क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955?
आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act - ECA), 1955 भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसका उद्देश्य आम लोगों को जरूरी वस्तुएं उचित कीमत पर उपलब्ध कराना और जमाखोरी, कालाबाजारी और कृत्रिम कमी को रोकना है। इस कानून के तहत केंद्र सरकार किसी भी आवश्यक वस्तु के उत्पादन, आपूर्ति, वितरण और भंडारण को नियंत्रित कर सकती है। 2020 में भारत में हुए कृषि सुधारों के तहत, 'ज़रूरी चीज़ों (संशोधन) कानून, 2020' के ज़रिए इस कानून में बदलाव किया गया था।
इस कानून के तहत सरकार क्या कर सकती है?
ECA को 1955 में लागू किया गया था। तब से सरकार इसका इस्तेमाल उन कई चीज़ों के प्रोडक्शन, सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन को रेगुलेट करने के लिए करती आ रही है जिन्हें 'ज़रूरी' (essential) घोषित किया गया है, ताकि वे ग्राहकों को सही कीमत पर मिल सकें। इसके अलावा, सरकार किसी भी ऐसे पैक्ड प्रोडक्ट का मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) भी तय कर सकती है जिसे वह "ज़रूरी चीज़" (essential commodity) घोषित करती है।
इस नियम के तहत कौन-कौन सी वस्तुएं शामिल हैं?
- खाद्यान्न
- दालें
- खाद और उर्वरक
- दवाइयां
- पेट्रोलियम उत्पाद (पेट्रोल, डीजल, LPG आदि)
भारत में डीजल की ताजा स्थिति (2026)
हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच भारत सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का उपयोग किया है। भारत में माल परिवहन का बड़ा हिस्सा सड़क मार्ग से होता है और अधिकांश ट्रक डीजल पर चलते हैं। कृषि क्षेत्र में भी डीजल की बड़ी भूमिका है। इसलिए डीजल की कीमत और उपलब्धता का सीधा असर महंगाई, खाद्य कीमतों और औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ता है।














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