UP में कांग्रेस के नव संकल्प शिविर का क्या था मकसद ?, 2024 से पहले कम होंगी प्रिंयका की चुनौतियां

लखनऊ, 04 जून: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने संगठन को खड़ा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। लेकिन चुनाव के बाद जो रिजल्ट आए वो कांग्रेस के लिए काफी निराशाजनक रहे। यूपी में कांग्रेस को 403 में से केवल दो सीटों से ही संतोष करना पड़ा। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी अब दोबारा यूपी में खड़ा नहीं पाएगा ? क्या प्रियंका कांग्रेस में नए सिरे से जान फूंक पाएंगी। इन सवालों के जवाब भविष्य में मिलेंगे लेकिन हाल ही में कांग्रेस के नव संकल्प शिविर से जो बातें निकलीं उसके मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व ने संगठन के पुनर्निर्माण, कार्यकर्ताओं की मायूसी दूर कर एक नई शुरुआत करने और उदयपुर नव संकल्प शिविर के संदेश को जमीनी स्तर पर ले जाने पर जोर दिया गया।

प्रियंका गांधी

लखनऊ उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) ने 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के पुनर्निर्माण के लिए रोडमैप तैयार करने के लिए 1 और 2 जून को यहां दो दिवसीय राज्य स्तरीय नव संकल्प शिविर आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया था। यह आयोजन उदयपुर के नव संकल्प चिंतन शिविर और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के दो दिवसीय शिविर में शामिल होने के एक पखवाड़े बाद अयोजित किया गया था। हालांकि 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद यह उनका पहला यूपी दौरा था। उनके इस दौरे को राज्य में नई शुरुआत करने के प्रयासों के तहत देखा जा रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना ​​है कि पार्टी के संगठन के पुनर्निर्माण के लिए अपनी रणनीति को आकार देने के लिए इसका आयोजन किया गया था। हालांकि पार्टी के एक नेता ने कहा, "यह चर्चा प्रियंका गांधी वाड्रा की मौजूदगी में भविष्य के रोडमैप पर चर्चा हुई। इसमें नए सिरे से कार्यकर्ताओं को तैयार करने के काम, पदाधिकारियों को नए सिरे से काम का आवंटन किया गया।"

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद कांग्रेस ने रायबरेली में फीडबैक सत्र आयोजित किया था और प्रियंका गांधी वाड्रा ने राज्य कांग्रेस होने वाले सुधारों को लेकर अपनी बात रखी थी। पार्टी के दिग्गजों के कड़े विरोध के बीच तत्कालीन कांग्रेस विधायक दल के नेता और विधायक अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में एक नई टीम बनाई गई थी। लल्लू और उनकी टीम कोई प्रभाव डालने में विफल रही थी। 2022 के चुनावों में कांग्रेस ने केवल दो सीटें जीतीं, जिसमें कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' की सीट भी शामिल थी।

क्या राज्य स्तरीय नव संकल्प शिविर आयोजित करने से कांग्रेस को खड़ा करने में मदद मिलेगी?, इस सवाल के जवाब में लखनऊ विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के पूर्व विभाग प्रमुख एसके द्विवेदी ने कहा कि,

"ये प्रयास कांग्रेस के पुनर्निर्माण के लिए अच्छे हैं। पार्टी को बदलावों पर गंभीरता से काम करना चाहिए और एक युवा और परिपक्व नेतृत्व के साथ सामने आना चाहिए। ताकि अगले आम चुनाव में यूपी में पार्टी को सफलता मिल सके।"

हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने राजस्थान से राज्यसभा के लिए वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी को भेजा है। तिवारी एक अनुभवी नेता हैं और राज्यसभा के लिए उनका नामांकन उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने की रणनीति को ध्यान में रखकर किया गया है। संकल्प शिविर में कांग्रेस नेतृत्व ने संगठन के पुनर्निर्माण, एक नई शुरुआत करने और उदयपुर नव संकल्प शिविर के संदेश को जमीनी स्तर पर लोगों तक ले जाने का प्रस्ताव रखा था जिसको आने वाले दिनों में अमल किया जाएगा। यूपीसीसी के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा कि प्रियंका गांधी के आने से कार्यकर्ताओं में एक बार फिर उत्साह का संचार हुआ है और वो नए जोश और संकल्प के साथ अपने मिशन में जुटेंगे।

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