फिर जातीय हिंसा की चपेट में आया सहारनपुर, पुलिस ने संभाले हालात
सहारनपुर। जिले में हुए भीषण जातीय संघर्ष को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ था कि एक बार फिर से होली के मौके पर हालात बिगड़ गए। हालांकि पुलिस ने वक्त पर पहुंच कर मामले को संभाल लिया अन्यथा होली के मौके पर रंग में भंग पड़ सकता था। दलित और राजपूत बिरादरी के लोगों के बीच हुए जातीय विवाद में आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में पुलिस बल और पीएसी को तैनात कर दिया गया है। अधिकारी भी गांव के हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

पांच मई 2017 को गांव शब्बीरपुर से भड़की जातीय हिंसा की आग ने पूरे जनपद को अपनी चपेट में ले लिया था। इस वारदात को हुए अभी एक साल भी पूरा नहीं हो सका कि गुरूवार की देर शाम होली पर्व पर एक बार फिर से जातीय हिंसा भडकाने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव आसनवाली में एक दलित युवक पर की गई अशोभनीय टिप्पणी के बाद दलित और राजपूत बिरादरी के लोगों में संघर्ष हो गया। दोनों ही बिरादरी के लोग आमने सामने आ डटे। बताया जाता है कि दलित समाज के कुछ युवक गांव में होली पर्व मना रहे थे, इसी दौरान राजपूत समाज के किसी व्यक्ति ने एक दलित युवक पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया और दोनों ही पक्षों के लोग लाठी डंडे हाथ में लेकर आमने सामने आ गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने दोनों पक्षों के 6 लोगों को हिरासत में ले लिया है। घटना को लेकर गांव में तनाव बना हुआ है। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि गांव में अब हालत शांतिपूर्ण है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।












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