राजेंद्र जैन कौन हैं? NCP ने सुनेत्रा पवार वाली खाली सीट से बनाया महायुति की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार
Maharashtra Rajya Sabha Election 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर अचानक नया मोड़ आ गया है। जिस सीट के लिए लंबे समय तक पूर्व मंत्री छगन भुजबल का नाम सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था, वहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने अंतिम समय में वरिष्ठ नेता राजेंद्र जैन को उम्मीदवार बनाकर सभी को अचंभित कर दिया है।
एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने इनकी उम्मीदवारी का ऐलान करते हुए बताया महाराष्ट्र की राज्यसभा उपचुनाव सीट के लिए महायुति से नाम तय हो चुका है। महायुति ने आपसी सहमति के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) से विदर्भ के सीनियर नेता राजेंद्र जैन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

सुनील तटकरे ने बताया मुंबई में देवगिरी निवास पर कोर कमेटी की बैठक हुई। रविवार रात को पार्टी के बड़े नेता वहां जमा हुए। काफी चर्चा के बाद राजेंद्र जैन का नाम पक्का हुआ। तटकरे ने बताया कि यह महायुति का फैसला है।
सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई ये सीट
पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश दुर्घटना में मौत के बाद सुनेत्रा पवार ने मुख्यमंत्री सीट संभालने के बाद राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद यह सीट खाली थी। इस सीट का कार्यकाल साल 2028 तक बचा है। एनसीपी उममीदवारों के नामों पर काफी जोर आजमाइश देखने को मिली थी। छगन भुजबल और नवनीत राणा के नाम भी रेस में शामिल थे लेकिन अंत में महायुति ने एनसीपी के राजेंद्र जैन को चुना।
कौन हैं राजेंद्र जैन?
राजेंद्र जैन पहले विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने भंडारा से 12 साल तक प्रतिनिधित्व किया है। राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। राजेंद्र जैन पहले महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) के सदस्य भी रह चुके हैं। खास तौर पर महाराष्ट्र के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में उनका प्रभाव और राजनीतिक आधार मजबूत माना जाता है। उन्हें सहकारी संस्थाओं का लंबा अनुभव हासिल है और ये प्रफुल्ल पटेल के करीबी माने जाते हैं।
पार्टी ने क्यों जताया भरोसा?
एनसीपी नेतृत्व ने राजेंद्र जैन के लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता को ध्यान में रखते हुए उन्हें राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के भीतर उन्हें ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है, जो जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और संगठन दोनों के साथ मजबूत तालमेल रखते हैं। यही वजह है कि नेतृत्व ने महत्वपूर्ण चुनावी जिम्मेदारी उनके हाथों में सौंपी है।
उम्मीदवारी चर्चा में क्यों है?
राज्यसभा सीट के लिए सबसे अधिक चर्चा छगन भुजबल के नाम को लेकर हो रही थी। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा था कि पार्टी उन्हें उम्मीदवार बना सकती है। हालांकि अंतिम समय में राजेंद्र जैन के नाम की घोषणा ने सभी को चौंका दिया। इस फैसले को महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
महायुति और एनसीपी के समीकरण
राजेंद्र जैन की उम्मीदवारी को केवल एक चुनावी फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे महायुति और एनसीपी के अंदर चल रहे राजनीतिक समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय पार्टी के भीतर संतुलन साधने और संगठन को मजबूत संदेश देने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
कब होगा राज्यसभा उपचुनाव?
महाराष्ट्र की इस राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव 18 जून को आयोजित किया जाएगा। यह सीट सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। इसी खाली सीट को भरने के लिए चुनाव आयोग ने उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की है।
क्याें टिकी है इस चुनाव पर सबकी नजर?
राजेंद्र जैन की उम्मीदवारी ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि यह फैसला आगामी राजनीतिक रणनीतियों और गठबंधन की राजनीति पर क्या असर डालता है। उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। Meenakshi Natarajan कौन हैं, जाति क्या है? जिनसे इंप्रेस हो गए राहुल गांधी, बना दिया राज्यसभा उम्मीदवार












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