Israel-Iran War: 62 दिन बाद फिर भड़की जंग, बेअसर हुई ट्रंप की धमकी, किसने लगाई दोबारा चिंगारी?
Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। इजरायल और ईरान ने एक दूसरे पर हमला करना शुरू कर दिया है। 101 दिन पहले शुरू हुई जंग में सीजफायर हो गया था। लेकिन अब ये जंग दोबारा शुरू होती दिख रही है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान से तुरंत गोलीबारी रोकने की अपील की है। उन्होंने दोनों देशों से संयम बरतने और संघर्ष को और आगे न बढ़ाने का आग्रह किया। ट्रंप की यह अपील ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव तेजी से बढ़ रहा है और पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका जताई जा रही है।
दोनों देशों ने एक-दूसरे पर किए हमले
सोमवार को इजरायल और ईरान ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की। दोनों देशों द्वारा किए गए हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। अप्रैल में लागू हुए सीजफायर के बाद यह पहली बड़ी घटना मानी जा रही है, जिसमें दोनों पक्षों ने सीधे तौर पर एक-दूसरे को निशाना बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात नहीं संभले तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है।

ईरान ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इजरायल की दिशा में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इन हमलों के बाद इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई की। इजरायली सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। दोनों देशों के बीच बढ़ती जवाबी कार्रवाई ने युद्ध की आशंका को और गहरा कर दिया है।
माहशहर पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर इजरायल का हमला
इजरायल ने ईरान के माहशहर (Mahshahr) स्थित पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर भी हमला किया। इस हमले में फेसिलिटी के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने की खबर है। सुरक्षा कारणों से ईरानी अधिकारियों ने वहां मौजूद कर्मचारियों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था। इस घटना के बाद ईरान के औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
इजरायली राजदूत ने दी हमले की जानकारी
इजरायल के राजदूत येकील लीटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हमलों से जुड़ी जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, ईरान ने इजरायल की ओर 11 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। उन्होंने कहा कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई का मकसद ईरान की मिसाइल लॉन्च साइटों को तबाह करना और आगे होने वाले हमलों को कमजोर करना था।
ट्रंप की चेतावनी का कोई असर नहीं
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए दोनों देशों तत्काल युद्ध रोकने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि संघर्ष को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है और अभी भी शांति का अवसर मौजूद है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच संवाद की संभावनाएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। हालांकि ट्रंप की इस चेतावनी को दोनों ही देशों ने नजरअंदाज कर दिया।
लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ भी जारी हैं हमले
इजरायल सिर्फ ईरान के साथ ही नहीं, बल्कि लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ भी सैन्य अभियान चला रहा है। हालांकि इजरायली अधिकारियों का कहना है कि हिजबुल्ला के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को ईरान से जुड़े संघर्ष से अलग माना जाना चाहिए। इसके बावजूद क्षेत्र में जारी कई मोर्चों पर लड़ाई ने हालात को और जटिल बना दिया है।
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