Malviya Nagar Fire Case: केशव नेगी को कोर्ट से नहीं मिली राहत, 14 दिन की न्यायिक हिरासत, अब तक क्या खुलासा हुआ
Malviya Nagar Hotel Fire Case: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मामले के आरोपी केशव नेगी, जो होटल में बतौर कुक (रसोइया) कार्यरत था, की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।
इसके साथ ही अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। सोमवार, 8 जून को आरोपी केशव नेगी और होटल से जुड़े दूसरे आरोपी लोवकेश बजाज को दिल्ली की साकेत कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केशव नेगी की जमानत अर्जी को अस्वीकार कर दिया।

आरोपी केशव नेगी की साकेत कोर्ट में हुई पेशी
दिल्ली पुलिस ने जांच के तहत गिरफ्तार किए गए आरोपियों केशव नेगी और लोवकेश बजाज को साकेत कोर्ट में पेश किया। अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने केशव नेगी को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी को जमानत देना उचित नहीं होगा। इसके बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
क्या है मालवीय नगर होटल अग्निकांड?
मालवीय नगर स्थित होटल में हाल ही में भीषण आग लगने की घटना सामने आई थी। आग लगने के बाद होटल में अफरा-तफरी मच गई थी और दमकल विभाग को आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। घटना के बाद दिल्ली पुलिस, फायर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में होटल के सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्था और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे। इसी जांच के दौरान होटल से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया और बाद में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
जांच एजेंसियां जुटा रही हैं सबूत
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आग लगने के पीछे लापरवाही, सुरक्षा नियमों का उल्लंघन या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था या नहीं। पुलिस होटल के कर्मचारियों, प्रबंधन और घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही होटल के सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेज और तकनीकी रिपोर्ट भी जांच का हिस्सा हैं।
क्या था मालवीय नगर होटल अग्निकांड?
यह पूरा मामला दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर के एक नामी होटल का है, जहां पिछले दिनों अचानक भीषण आग लग गई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि होटल में ठहरे मेहमानों और कर्मचारियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। दमकल विभाग और दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि आग की शुरुआत होटल की रसोई (किचन) से ही हुई थी।
गैस रिसाव या कमर्शियल सिलेंडर के रख-रखाव में हुई भारी चूक के कारण लपटों ने देखते ही देखते पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया था। इस हादसे के बाद पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही बरतने की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर केशव नेगी और लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया था।
सह-आरोपी लवकेश बजाज पर भी शिकंजा
केशव नेगी के साथ ही कोर्ट में पेश किए गए दूसरे आरोपी लवकेश बजाज पर भी पुलिस का शिकंजा कस गया है। पुलिस होटल के मालिकाना हक, मैनेजमेंट और फायर एनओसी (Fire NOC) से जुड़े दस्तावेजों की कड़ाई से जांच कर रही है।
साकेत कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद अब पुलिस जेल में बंद आरोपियों से इस बात का पता लगाएगी कि क्या होटल के पास वैध कमर्शियल लाइसेंस और आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं। इस फैसले के बाद दिल्ली के अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों में फायर सेफ्टी ऑडिट को लेकर प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है।
मालवीय नगर होटल अग्निकांड मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में फोरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी जांच और गवाहों के बयान इस केस की दिशा तय कर सकते हैं। फिलहाल, केशव नेगी की जमानत याचिका खारिज होने और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने को इस मामले में महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।














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