Success Story: '3 बार UPSC में सफलता, फिर मिला IAS का ताज', कौन हैं सलोनी राय? कहलाती हैं Beauty with Brain
IAS Success Story: 'मंजिलें उनको मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, परों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है', ऐसी ही कुछ कहानी है आईएएस ऑफिसर सलोनी राय की,जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से ये साबित कर दिया कि अगर आपके इरादे मजबूत और लगन पक्की है तो आप आसमान में भी छेद कर सकते हैं। जिस UPSC परीक्षा को एक बार पास करने में लोगों के पसीने छूट जाते है, उसी एग्जाम को सलोनी ने तीन बार क्रैक किया।
आपको बता दें कि 11 नवंबर, 1990 हरियाणा में जन्मीं सलोनी राय बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी थीं। उनके माता-पिता डॉक्टर थे और स्वाभाविक रूप से परिवार की अपेक्षा थी कि वह भी चिकित्सा क्षेत्र में जाएं। लेकिन सलोनी ने अपने दिल की आवाज सुनी और कॉमर्स विषय को चुना।

उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। 25 साल की उम्र में, उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पहले प्रयास में पास कर ली और रेलवे सर्विस में बतौर ऑफिसर सेलेक्ट हो गईं।
सलोनी राय ने तीन बार UPSC क्रैक किया, गजब है कहानी
अधिकांश लोग पहली सफलता के बाद रुक जाते हैं, लेकिन सलोनी की मंजिल इससे कहीं बड़ी थी। उन्होंने दूसरी बार भी UPSC परीक्षा पास की, लेकिन तब भी रेलवे सेवा में बने रहने का फैसला किया। उनके भीतर IAS बनने का सपना अभी जीवित था। नौकरी के साथ-साथ तैयारी जारी रखते हुए उन्होंने तीसरी बार परीक्षा दी और इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 22 हासिल की। इस उपलब्धि ने उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) तक पहुंचा दिया।

सलोनी राय के पति भी हैं IAS अधिकारी
सलोनी राय अक्सर छात्रों को सलाह देती हैं कि 'जीवन में वही काम करें जिसे करने में खुशी मिलती हो।' उनका मानना है कि दूसरों की अपेक्षाओं के बजाय अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर चुनना चाहिए। शायद यही सोच उन्हें बार-बार सफलता की ओर ले गई। सलोनी राय के पति डॉ. राकेश मिन्हास भी वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं, वो कठुआ और उधमपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में उपायुक्त (DC) के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।

क्यों हैं चर्चा में IAS सलोनी राय?
आईएएस ऑफिसर सलोनी राय अपने लुक और अपने स्टेटमेंट को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें Beauty With Brain कहते हैं। उनकी पोस्ट छात्र-छात्राओं को काफी मोटिवेट भी करती है।
'सादगी और शालीनता की तारीफ'
वो इन दिनों नॉर्थ दिल्ली की डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, हाल ही में उन्होंने जनगणना को लेकर एक बयान जारी किया, जिसकी वजह से वो सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हो गईं हैं। लोग उनकी सादगी और शालीनता की तारीफ कर रहे हैं।
'हम 14 जून को पहला चरण पूरा कर लेंगे'
दरअसल मीडिया से बात करते हुए सलोनी राय ने कहा कि 'जनगणना का पहला चरण 14 जून को खत्म होगा। अब तक इस प्रक्रिया में 2.2 करोड़ लोगों को शामिल किया जा चुका है। हमारी टीमें पूरी तरह तैयार हैं और जनता भी जागरूक है और सहयोग कर रही है। हमें उम्मीद है कि हम 14 जून को पहला चरण पूरा कर लेंगे। दूसरे चरण में घरों और व्यक्तिगत स्तर की जानकारी इकट्ठा की जाएगी, जनगणना एक ज़रूरी काम है और जनगणना टीम के साथ पूरा सहयोग करना हर व्यक्ति की ज़िम्मेदारी है। अगर हमें लोगों में हिचकिचाहट दिखती है, तो हम जागरूकता फैलाने का काम करते हैं।'

'किसी भी गलत जानकारी का शिकार न बनें', सलोनी राय की अपील
'अगर जनगणना स्टाफ़ लोगों को समझाने में कामयाब नहीं हो पाता, तो रेवेन्यू टीमें जाती हैं या हम RWA की मदद लेते हैं। उत्तरी ज़िले में हमें लोगों के सहयोग को लेकर कोई परेशानी नहीं हुई। मीडिया के जरिए मैं लोगों से कहना चाहूंगी कि वे किसी भी गलत जानकारी का शिकार न बनें। जनगणना एक गोपनीय और भरोसेमंद प्रक्रिया है और यह देश की विकास की दिशा तय करने के लिए जरूरी है। मैं लोगों से अपील करती हूँ कि वे जनगणना स्टाफ़ के साथ सहयोग करें और सही जानकारी दें।'














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