FIFA World Cup 2026: फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा वर्ल्ड कप, 32 नहीं अब 48 टीमें दिखाएंगी दम, होंगे 104 मैच
Fifa World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) अपने नए और विस्तारित स्वरूप के साथ फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा टूर्नामेंट बनने के लिए तैयार है। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाने वाला यह विश्व कप कई मायनों में ऐतिहासिक होगा। इस बार पारंपरिक 32 टीमों के बजाय रिकॉर्ड 48 टीमें खिताब के लिए चुनौती पेश करेंगी। 39 दिनों तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ में 16 स्टेडियमों के भीतर कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे।
इंग्लैंड का रहा है दबदबा (Fifa World Cup 2026)
इस टूर्नामेंट में दुनिया भर के 449 डोमेस्टिक क्लबों से कुल 1,248 खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। इनमें से 357 खिलाड़ियों के पास पुराना वर्ल्ड कप अनुभव है, जबकि 891 खिलाड़ी पहली बार इस मंच पर उतरेंगे। क्लब स्तर पर इंग्लैंड सबसे आगे है, जहां के क्लबों से रिकॉर्ड 200 खिलाड़ी विभिन्न देशों की टीमों में खेल रहे हैं। जर्मनी 109 खिलाड़ियों के साथ दूसरे और फ्रांस व स्पेन 86-86 खिलाड़ियों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

रोनाल्डो और मेसी रचेंगे इतिहास
इंग्लिश प्रीमियर लीग का मैनचेस्टर सिटी क्लब रिकॉर्ड 19 खिलाड़ियों के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद बायर्न म्यूनिख (18), पीएसजी (16), आर्सेनल (16) और बार्सिलोना (15) का स्थान है। अमेरिका की मेजर लीग सॉकर (MLS) से भी रिकॉर्ड 44 एक्टिव खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस बार फुटबॉल जगत के दो महानायक पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो और अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी इतिहास में 6 वर्ल्ड कप खेलने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी बनने जा रहे हैं।
मेसी के नाम है सबसे ज्यादा वर्ल्ड कप मैच खेलने का रिकॉर्ड
रोनाल्डो 226 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ सभी खिलाड़ियों में शीर्ष पर हैं। वहीं, मेसी के नाम सबसे ज्यादा 26 वर्ल्ड कप मैच खेलने का रिकॉर्ड है। वे अंतरराष्ट्रीय मैचों में 200 कैप्स का आंकड़ा छूने से महज दो मैच दूर हैं। जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज के सर्वाधिक 16 वर्ल्ड कप गोल का रिकॉर्ड इस बार खतरे में है। मेसी 13 गोल के साथ रेस में हैं, जबकि ब्राजील के रोनाल्डो (15) और गर्ड मुलर (14) उनसे आगे हैं। फ्रांस के किलियन एम्बापे भी 12 गोल के साथ इस रिकॉर्ड के करीब पहुंच सकते हैं।
ब्राजील का दबदबा और 4 नए चेहरे
क्रिकेट की तरह फुटबॉल में भी खिताब का बचाव करना बेहद मुश्किल रहा है। इतिहास में केवल ब्राजील (1958 और 1962) और इटली (1934 और 1938) ही लगातार दो बार चैंपियन बने हैं। फ्रांस इस बार तीसरी बार लगातार फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी टीम बनने का प्रयास करेगी।















Click it and Unblock the Notifications