Summer Diet Tips: गर्मी में कौन सी रोटी है सबसे फायदेमंद? कौन-सा आटा रखेगा पेट को ठंडा और कौन बढ़ाएगा परेशानी?
Summer Diet Tips: गर्मियों का मौसम आते ही लोग अपने खानपान और पहनावे में बदलाव करने लगते हैं। कोई छाछ और लस्सी को अपनी डाइट में शामिल करता है तो कोई ठंडे फलों और पेय पदार्थों का सहारा लेता है लेकिन बहुत कम लोग इस बात पर ध्यान देते हैं कि उनके रोजाना के भोजन का सबसे अहम हिस्सा यानी रोटी भी गर्मियों में सेहत पर बड़ा असर डाल सकती है।
गर्मियों में बदल दें रोटी का आटा, नहीं होगी पेट की दिक्कतें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार मौसम बदलने के साथ अनाज का चुनाव भी बदलना चाहिए। खासतौर पर गर्मियों में ऐसे आटे का सेवन करना चाहिए जो शरीर को ठंडक पहुंचाए, आसानी से पच जाए और पेट से जुड़ी समस्याओं को बढ़ावा न दे।

गर्मियों में क्यों जरूरी है सही आटे का चुनाव?
भीषण गर्मी के दौरान शरीर का पाचन तंत्र अपेक्षाकृत धीमा हो जाता है। ऐसे में भारी या अधिक गर्म तासीर वाले अनाज पेट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। इसका परिणाम गैस, अपच, एसिडिटी, ब्लोटिंग और कब्ज जैसी समस्याओं के रूप में सामने आ सकता है। यही कारण है कि इस मौसम में हल्के और ठंडक प्रदान करने वाले अनाजों को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है।
1. जौ का आटा
आयुर्वेद में जौ को गर्मियों के लिए सबसे उपयुक्त अनाजों में गिना गया है। ये शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। जौ में मौजूद फाइबर पेट को साफ रखने और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाने में सहायक माना जाता है। जो लोग शुद्ध जौ की रोटी बनाने में असुविधा महसूस करते हैं, वह इसे गेहूं के आटे के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे रोटियां मुलायम बनती हैं और स्वाद भी बेहतर रहता है।
2. ज्वार का आटा
गर्मियों में ज्वार का सेवन भी काफी फायदेमंद माना जाता है। ये एक पौष्टिक मोटा अनाज है जिसमें कई जरूरी मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ज्वार पचने में अपेक्षाकृत हल्का होता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। वजन नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहे लोगों और संतुलित डाइट अपनाने वालों के बीच भी ज्वार तेजी से पॉपुलर हो रहा है। दोपहर के भोजन में इसकी रोटी खाना अच्छा विकल्प माना जाता है।
3. चने का आटा
चना और उससे तैयार होने वाला बेसन लंबे समय से भारतीय भोजन का हिस्सा रहे हैं। गर्मियों में चने का आटा शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ पेट को आराम भी पहुंचा सकता है। इसमें प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाया जाता है और इसे गेहूं के आटे के साथ मिलाकर बनाई गई मिस्सी रोटी स्वाद और पोषण दोनों का बेहतरीन मेल मानी जाती है। अजवाइन और हरी धनिया जैसे मसालों के साथ इसका सेवन पाचन के लिए और भी लाभकारी हो सकता है।
गर्मियों में किन आटों से बनानी चाहिए दूरी?
जहां कुछ अनाज गर्मियों में राहत देते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिनका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है। सर्दियों में लोकप्रिय रहने वाला बाजरा गर्मियों में शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है। इसी तरह मक्के का आटा भी अपेक्षाकृत भारी माना जाता है, जो कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक मात्रा में केवल गेहूं के आटे पर निर्भर रहने के बजाय उसमें दूसरे अनाजों को मिलाकर खाना ज्यादा संतुलित विकल्प हो सकता है।
सिर्फ आटा नहीं, खाने का तरीका भी है जरूरी
गर्मियों में स्वस्थ रहने के लिए केवल सही आटा चुनना ही काफी नहीं है। भोजन के साथ पर्याप्त मात्रा में छाछ, दही या रायता शामिल करना भी फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा लौकी, तोरई, टिंडा, परवल और कद्दू जैसी पानी से भरपूर सब्जियां शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकती हैं। विशेषज्ञ ये भी सलाह देते हैं कि गर्मियों में बहुत देर तक रखा हुआ गूंथा आटा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और जितना संभव हो ताजा आटा तैयार करना चाहिए।
गर्मियों में अपनाएं स्मार्ट फूड हैबिट्स
मौसम के अनुसार खानपान में बदलाव करना सेहत के लिए बेहद जरूरी है। यदि आप गर्मियों में पेट की समस्याओं, एसिडिटी और भारीपन से बचना चाहते हैं तो अपने भोजन में जौ, ज्वार और चने जैसे हल्के अनाजों को शामिल कर सकते हैं। वहीं गर्म तासीर वाले फूड आइटम्स का सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर रहेगा। सही डाइट का चुनाव न सिर्फ आपको गर्मी से राहत देगा बल्कि पूरे दिन शरीर को एनर्जी से भरपूर और तरोताजा भी बनाए रखेगा।













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