Bihar MLC Election 2026: कौन हैं सुनील कुमार सिंह? RJD दे सकती है MLC टिकट, क्यों हैं लालू-तेजस्वी के करीबी
RJD MLC Candidate Sunil Kumar Singh: बिहार विधान परिषद (MLC) की नौ सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, लेकिन महागठबंधन (INDIA गठबंधन) की ओर से अब तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के संभावित उम्मीदवार के तौर पर सुनील कुमार सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, सुनील कुमार सिंह को अपने नामांकन से जुड़े सभी दस्तावेज तैयार रखने के लिए कहा गया है। सोमवार को नामांकन का अंतिम दिन है और माना जा रहा है कि RJD आखिरी समय में उनके नाम की औपचारिक घोषणा कर सकती है।

हालांकि, राजद की ओर मिल रही खबरों के मुताबिक, उम्मीदवारों की रेस में सुनील कुमार सिंह (Sunil Kumar Singh) का नाम सबसे आगे चल रहा है और पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें अपने नामांकन के कागजात पूरी तरह तैयार रखने का निर्देश दे दिया है।
Who Is RJD Candidate Sunil Kumar Singh: कौन हैं सुनील कुमार सिंह, जिन पर लालू परिवार ने फिर जताया भरोसा?
राजद के संभावित उम्मीदवारों में सबसे ऊपर चल रहे सुनील कुमार सिंह कोई नया नाम नहीं हैं। वे बिहार की राजनीति और सहकारिता क्षेत्र के एक बेहद कद्दावर और चर्चित चेहरे हैं। सुनील कुमार सिंह को लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का बेहद करीबी और वफादार माना जाता है। राबड़ी देवी उन्हें अपने भाई की तरह मानती हैं और वे हर रक्षाबंधन पर उन्हें राखी बांधती हैं।
लालू परिवार के हर सुख-दुख में सुनील कुमार सिंह साए की तरह खड़े रहते हैं। सुनील कुमार सिंह बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव मार्केटिंग यूनियन लिमिटेड (बिस्कोमान - BISCOMAUN) के अध्यक्ष हैं। सहकारिता जगत में उनका व्यापक प्रभाव है और जमीनी स्तर पर किसानों व पैक्स (PACS) अध्यक्षों के बीच उनकी मजबूत पकड़ है।
वर्तमान में भी वे विधान परिषद के सदस्य (MLC) हैं और उनका कार्यकाल जून 2026 में ही समाप्त हो रहा है। सदन के भीतर और बाहर वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के खिलाफ अपने तीखे व आक्रामक बयानों के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि पार्टी उन्हें दोबारा सदन भेजने की तैयारी में है।
विधान परिषद में संख्याबल का गणित: RJD की एक सीट पक्की, NDA को 8 सीटों का फायदा
बिहार विधानसभा के मौजूदा विधायकों के संख्याबल के हिसाब से सीटों का गणित पूरी तरह साफ नजर आ रहा है:
जीत का फॉर्मूला: 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में इस समय एक एमएलसी सीट जीतने के लिए कम से कम 25 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोट (25 Votes) की आवश्यकता है।
बिहार विधानसभा सीट समीकरण (कुल सीटें: 243 | MLC सीटें: 9)
बिहार विधान परिषद की 9 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के आधार पर एनडीए की स्थिति बेहद मजबूत दिखाई दे रही है। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास करीब 202 विधायक हैं, जिसके चलते उसके खाते में 8 सीटें जाना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं विपक्षी खेमे में राजद और उसके सहयोगियों के पास इतनी ताकत है कि वे कम से कम 1 सीट आसानी से जीत सकते हैं।
18 जून को होगा मतदान, इन सदस्यों का कार्यकाल हो रहा है समाप्त
बिहार विधान परिषद की नौ सीटों के लिए चुनाव 18 जून 2026 को होना है।
- 9 जून: नामांकन पत्रों की जांच
- 11 जून: नाम वापसी की अंतिम तिथि
- 18 जून: मतदान और मतगणना
जून 2026 में जिन नौ विधान परिषद सदस्यों (MLCs) का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें
- कुमुद वर्मा
- गुलाम गौस
- मोहम्मद फारूक
- भीष्म साहनी
- श्रीभगवान सिंह कुशवाहा (विधानसभा चुनाव में निर्वाचित होने के बाद पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं)
- संजय प्रकाश
- समीर कुमार सिंह
- सुनील कुमार सिंह शामिल हैं।
NDA का पलड़ा भारी
विधानसभा में संख्या बल के आधार पर NDA के पास लगभग 202 विधायक हैं। मौजूदा गणित के अनुसार NDA के लिए आठ सीटें जीतना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि विपक्षी खेमे को एक सीट मिलने की संभावना है। ऐसे में RJD की ओर से संभावित उम्मीदवार सुनील कुमार सिंह पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। यदि पार्टी उनके नाम पर मुहर लगाती है तो यह उनके राजनीतिक कद और पार्टी नेतृत्व के भरोसे को दर्शाने वाला बड़ा संकेत माना जाएगा।














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