VHP ने 'जनसंख्या असंतुलन' को ठीक करने का बताया समाधान! कहा-हर हिंदू परिवार में होने चाहिए तीन बच्चे
VHP: शनिवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP-Vishwa Hindu Parishad) ने हिंदू समाज में घटती जन्मदर को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की और इसे देश के जनसंख्या संतुलन के लिए एक गंभीर चुनौती बताया। परिषद ने हिंदू परिवारों से अपील की है कि हर परिवार में कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए, ताकि समाज में स्थिरता और संतुलन बना रहे।
यह बयान प्रयागराज में आयोजित विराट संत सम्मेलन में दिया गया, जहां देशभर से आए प्रमुख संतों, धर्मगुरुओं और समाज के प्रबुद्धजनों ने इस विषय पर चर्चा की। सम्मेलन में हिंदू समाज के भविष्य, उसकी चुनौतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।

VHP ने जोर देकर कहा कि हिंदू समाज की घटती जन्मदर न केवल समाजिक संतुलन के लिए खतरा है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी गंभीर समस्याएं खड़ी कर सकती है। सम्मेलन में यह भी कहा गया कि यह समय हिंदू समाज को अपनी परंपराओं, संस्कारों और धार्मिक मूल्यों को सशक्त बनाने का है, ताकि समाज मजबूत और सुरक्षित बना रहे।
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इस विराट संत सम्मेलन ने हिंदू समाज की एकता और मजबूती को लेकर एक नई दिशा देने का प्रयास किया, जिसमें धार्मिक और सामाजिक नेतृत्व ने प्रमुख भूमिका निभाई।
घटती जन्मदर से बढ़ रही जनसंख्या असंतुलन की समस्या
VHP के केंद्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा ने सम्मेलन में कहा, "हिंदुओं की घटती जन्मदर के कारण देश में जनसंख्या का असंतुलन हो रहा है। यह गंभीर चिंता का विषय है। हिंदू समाज के पूजनीय संतों ने अपील की है कि हर हिंदू परिवार कम से कम तीन बच्चों का पालन-पोषण करें। यह समाज और धर्म की स्थिरता के लिए जरूरी है।"
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा
बांगड़ा ने सम्मेलन में यह भी कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर योजनाबद्ध तरीके से अत्याचार किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत में भी कुछ तत्व बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हिंदू समाज को सतर्क रहने और इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड के "अधिनायकवादी और असीमित अधिकारों" को सीमित करने के लिए कानून सुधार ला रही है।
योगी आदित्यनाथ VHP के प्रयासों को सराहा
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा, "भारत की सनातन परंपरा आज इस महाकुंभ के माध्यम से पूरी दुनिया के सामने है। यह संदेश पूरी दुनिया के लिए पवित्र और प्रेरणादायक है।"
मुख्यमंत्री ने VHP के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि 1980 के बाद से विहिप ने गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र तट पर कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जो आज साकार रूप ले चुके हैं।
उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को याद करते हुए कहा, "हम सबके लिए यह गर्व का क्षण है कि रामलला अब अपने दिव्य और भव्य मंदिर में विराजमान होने वाले हैं। यह सपना 500 वर्षों से पूरा होने का इंतजार कर रहा था।"
आयोध्या और काशी का विकास
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2016 में केवल दो लाख लोग अयोध्या गए थे, लेकिन 2024 में यह संख्या बढ़कर 15 करोड़ हो गई। उन्होंने कहा, "अयोध्या और काशी का नया और भव्य स्वरूप अब दुनिया के सामने है। श्रीराम जन्मभूमि के बाद अब मथुरा और काशी के सपने को साकार करने का समय आ गया है।"
संतों ने दिया एकता का संदेश
जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने अपने संदेश में कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती के तट पर हिंदू समाज के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। यह पवित्र भूमि हमेशा से हिंदू समाज को एकजुट करने का केंद्र रही है।
ओडिशा के प्रभाकर दास महाराज ने हिंदू समाज को एकजुट रहने की अपील की। वाल्मीकि समाज के योगी उमेश नाथ महाराज ने हिंदू परिवारों से जनसंख्या वृद्धि पर ध्यान देने की अपील की।
VHP का आह्वान
VHP ने इस सम्मेलन में हिंदू समाज की एकजुटता और उसके अस्तित्व को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही जनसंख्या वृद्धि और परंपराओं को बनाए रखने के लिए सामाजिक और धार्मिक प्रयासों को तेज करने का आह्वान किया। यह सम्मेलन हिंदू समाज की शक्ति और सनातन परंपरा को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
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