BSP ने तीन दशक में किया सबसे खराब प्रदर्शन, सीटें ही नहीं वोट शेयर में भी मात खा गई पार्टी
लखनऊ, 10 मार्च। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम गुरुवार को घोषित हो गए। इसके साथ ही राज्य में एक बार फिर से योगी आदित्यनाथ की प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी हो रही है। 403 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी को 250 से अधिक सीटें हासिल हुई हैं वहीं प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी गठबंधन को 120 से अधिक सीट मिली है।

बीएसपी को 12.8 फीसदी वोट मिले
अब तक के नतीजों से ये साफ हो गया है कि बीजेपी की सत्ता में स्पष्ट रूप से वापसी हो रही है और उसे किसी की मदद की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसे में परिणामों के बाद चुनाव को समझने की कोशिश करते हैं। साथ ही पिछले चुनावों के साथ इस बार के चुनावों का विश्लेषण करके ये समझने की कोशिश करते हैं कि किस पार्टी को सबसे ज्यादा फायदा हुआ और किसे नुकसान हुआ।
इस बार के चुनाव में बीजेपी को 41.6 प्रतिशत वोट मिले हैं जबकि दूसरे नंबर पर रही सपा ने 32.0 प्रतिशत वोट हासिल किए हैं। हालांकि अभी कई सीटों पर परिणाम आने बाकी हैं ऐसे में इन आंकड़ों में कुछ परिवर्तन भी हो सकता है लेकिन यह बहुत ज्यादा नहीं होने वाला है। राज्य को तीन बार मुख्यमंत्री देने वाली बसपा को 12.8 फीसदी वोट मिले हैं।

बसपा का तीन दशक में सबसे खराब प्रदर्शन
अब बात बसपा की जिसको वोट शेयर का सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है तो पार्टी को चुनाव में सिर्फ एक सीट पर ही जीत मिली है। बसपा को इस बार चुनाव में 12.8 प्रतिशत वोट मिले हैं जो कि पिछले तीन दशक में पार्टी का सबसे खराब प्रदर्शन है। बसपा को पिछली बार 2017 के चुनाव में 22.2 प्रतिशत वोट मिले थे। इस तरह बसपा को वोट शेयर में लगभग 10 प्रतिशत का नुकसान उठाना पड़ा है। 2012 में बसपा को 25.9%, 2007 में 30.4% जबकि 2002 में 23.4% वोट हासिल हुए थे।

बीजेपी का वोट शेयर पहली बार 40% के पार
खास बात यह है कि जब 2017 में बीजपी ने 300 से अधिक सीटों पर जीत हासिल की थी तब भी बीजेपी का वोट शेयर इससे कम (39.7%) ही था। 2012 में तो बीजेपी को सिर्फ 15 प्रतिशत वोट ही हासिल हुए थे। वहीं 2007 में 17 प्रतिशत और 2002 में 20 प्रतिशत वोट मिले थे।
सपा ने किया अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
अगर वोट शेयर को देखें तो पता चलता है कि यह सपा का अब का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले दोनों पार्टियों को इतना वोट शेयर नहीं हासिल हुआ था।
वहीं बीजेपी पिछले 40 साल में ऐसी पहली पार्टी बन गई है जिसने राज्य के विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किया है।

सपा का वोट शेयर 10 फीसदी बढ़ा
वोट शेयर के मामले में अब तक का सबसे बढ़िया प्रदर्शन करने वाली सपा को पिछली बार के मुकाबले 10 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले हैं। 2017 में सपा को 21.8 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे जबकि 2022 में पार्टी को 32.03 प्रतिशत वोट मिले हैं। वोट शेयर का असर सपा की सीटों में भी दिख रहा है और वह पिछली बार की 50 के मुकाबले 100 के पार पहुंची है। पिछले चुनावों में देखें तो सपा को 2012 में 29.1% जबकि 2002 और 2007 में लगातार 25.7 प्रतिशत वोट मिले थे।
कांग्रेस के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पार्टी चुनाव दर चुनाव नीचे की तरफ गिरती जा रही है। इस बार कांग्रेस को 2.4 प्रतिशत वोट हासिल हुए हैं और दो सीटें हासिल हुई हैं। वहीं पिछली बार चुनाव में पार्टी 6.3 प्रतिशत वोट हासिल किया था। 2012 में कांग्रेस को 11.7 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे।












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