Pakistan Eid: 'अंदरूने मुल्क' में आसमान पर पहुंचा टमाटर-प्याज-आटे का भाव, कहां से लाएं बकरा-कैसे मनाएं ईद?
Pakistan Eid: अंदरूने मुल्क यानी पाकिस्तान में एक तरफ सरकार और आर्मी चीफ अपनी वाहवाही का ढिंढोरा पीटते नहीं थक रहे तो दूसरी तरफ जनता महंगाई से बेहाल है। आलम ये है कि ईद मनाना भी अब पाकिस्तान में मुश्किल हो रहा है। क्योंकि सब्जियों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और इसका सीधा असर आम लोगों के बजट पर पड़ रहा है।
प्याज, जो कुछ दिन पहले 80 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था, अब बढ़कर 100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। वहीं टमाटर के दामों में तो और ज्यादा उछाल देखने को मिला है। महीने की शुरुआत में टमाटर 50-80 रुपये प्रति किलोग्राम थे, लेकिन अब ये 180-200 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुके हैं। इसी महीने के बीच में भी कीमतें 70-100 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच थीं।

अदरक-लहसुन भी महंगे
अदरक और लहसुन की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई है। ये अब 50 रुपये प्रति 250 ग्राम से बढ़कर 200 रुपये प्रति 250 ग्राम तक पहुंच गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले एक या दो दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसका मुख्य कारण ईद की छुट्टियों के दौरान सुपर हाईवे सब्जी मंडी का बंद रहना है, जिससे सप्लाई चेन पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
सब्जी एक्सपोर्ट में भारी गिरावट
घरेलू दाम बढ़ने के साथ-साथ सब्जियों के निर्यात पर भी बड़ा असर पड़ा है। प्याज और आलू जैसे प्रमुख उत्पादों के निर्यात में तेज गिरावट दर्ज की गई है। PBS के मुताबिक, वित्त वर्ष 26 के पहले 10 महीनों (10MFY26) में कुल सब्जी निर्यात 504,235 टन ($141 मिलियन) रहा, जो मात्रा में 60% और मूल्य में 56% की सालाना गिरावट दिखाता है। इसका कारण भारत-पाकिस्तान, अफगानिस्तान-पाकिस्तान और ईरान-अमेरिका युद्ध को बताया है।
बॉर्डर बंदी और लॉजिस्टिक संकट से एक्सपोर्ट प्रभावित
ऑल पाकिस्तान फ्रूट एंड वेजिटेबल एक्सपोर्टर्स, इम्पोर्टर्स एंड मर्चेंट्स एसोसिएशन के संरक्षक-प्रमुख वहीद अहमद ने कहा कि अफगानिस्तान सीमा बंद होने के कारण प्याज और आलू का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं भारत की तरफ से भी सामान पहले से ही बंद है। अब सामान ईरान के रास्ते भेजा जा रहा है, जिससे डिलीवरी टाइम 1 सप्ताह से बढ़कर 15-20 दिन हो गया है।
मंडी में सप्लाई कम
पाकिस्तानी अखबार द डॉन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक फलही अंजुमन थोक सब्जी मंडी के अध्यक्ष हाजी शाहजहां ने चिंता जताई कि सिंध में प्याज की फसल अब खत्म हो चुकी है, जिसके कारण सप्लाई पंजाब और बलूचिस्तान से आ रही है। उन्होंने कहा, “फुटकर विक्रेता बढ़ती मांग का फायदा उठा रहे हैं, जबकि थोक दर 50 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा नहीं है।” ईद के मौके पर कुर्बानी के जानवरों की ट्रांसपोर्ट में उछाल होने के कारण सब्जियों की सप्लाई भी धीमी हो गई है, जिससे दाम और बढ़े हैं।
क्यों बढ़े दाम?
स्थानीय व्यापारियों ने द डॉन को कि ईरान में हुए इज़राइल-अमेरिका युद्ध का असर भी व्यापार पर पड़ा है। इसके कारण शिपिंग कंपनियों ने भाड़ा बढ़ा दिया है। एक 40 फीट कंटेनर की कीमत 1,500 डॉलर से बढ़कर 8,000 डॉलर तक पहुंच गई है, जिससे एक्सपोर्टर्स की लागत कई गुना बढ़ गई है।
आटे के दाम भी बढ़े, गेहूं की सप्लाई बनी वजह
सब्जियों के साथ-साथ आटे और गेहूं की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। गेहूं का भाव अब 107 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है, जो मार्च के पहले सप्ताह में 99 रुपये प्रति किलोग्राम था। 20 किलो आटे की बोरी की कीमत 2,500-2,700 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि पहले यह 2,200-2,500 रुपये थी। वहीं एक किलो महीन आटा अब 141.57 रुपये का हो गया है, जो पहले 136.89 रुपये था।
किसान, बिचौलिए और स्टॉक होल्डिंग पर भी सवाल
एक आटा मिलर ने स्थानीय अखबार को बताया कि कीमतों में बढ़ोतरी का कारण खुले बाजार में गेहूं के ऊंचे दाम हैं। इसके अलावा किसानों द्वारा सीमित स्टॉक जारी करना और बिचौलियों की सक्रियता भी वजह है। उन्होंने कहा कि इस साल किसान ज्यादा सतर्क हैं और सीमित सप्लाई दे रहे हैं, जबकि पिछले साल उन्होंने जल्दी बेचकर कम कीमत पाई थी। साथ ही अफगानिस्तान को गेहूं और आटे की सप्लाई पहले से ही बंद है, क्योंकि वह अब कजाकिस्तान से खरीद कर रहा है।
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