UP Assembly: किसानों की समस्याओं को लेकर SP-RLD का वॉकआउट, GIS पर श्वेत पत्र लाने की मांग
यूपी में चल रहा विधानसभा के मानसून सत्र में कई अहम मुद्दे को विपक्ष ने उठाया जिसका जवाब सरकार की तरफ से दिया गया।
UP Assembly News: उत्तर प्रदेश में सोमवार से शुरू हुए विधानसभा सत्र के चौथे दिन गन्ना भुगतान, बाढ़ और सूखे को लेकर सदन का माहौल गरमाया रहा। इस बीच सदन में इनवेस्टर समिट के दौरान आए निवेश का मुददा भी उठाया गया और श्वेत पत्र लाने की मांग की गई। इस पर सरकार ने अपना जवाब दिया। इस दौरान हालांकि औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल नंदी के बयान से सपा के सदस्य उत्तेजित हो गए जिनको विधानसभा अध्यक्ष ने शांत कराया।

कार्यवाही शुरू होते ही हुआ हंगामा
विधानसभा में गुरुवार को सुबह जैसे ही 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई उस समय सपा और रालोद के सदस्यों ने प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर कई सवाल किए गए। सपा रालोद के सदस्यों की मांग थी कि कम वर्षा की समस्या को देखते हुए किसानों को आवश्यक रियायतें दी जाएं जिसमें कृषि यंत्रों की खरीद को जीएसटी से मुक्त करने समर्थन मूल्य को बढ़ाए जाने तथा बिजली की पर्याप्त आपूर्ति की जाए।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दिया जवाब
इस मुद्दे पर सरकार की ओर से सूबे के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार किसने की आय को दुगनी करने उनकी फसलों का पर्याप्त समर्थन मूल्य देने जैसे कई योजनाएं लेकर आई है। योगी सरकार में किसानों का हित सर्वोपरि है किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनके जवाब से संतुष्ट होकर समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने कुछ समय के लिए सदन से वॉकआउट कर दिया।
सपा के सचिन यादव व कांग्रेस की अराधना मिश्रा ने उठाया मामला
प्रश्नकाल के दौरान ही सपा के सचिन यादव और सदन में कांग्रेस की नेता अराधना मिश्रा मोना ने सदन में ग्लोबल इनवेस्टर समिट का मुद्दा उठाया। सचिन यादव ने सरकार से जानना चाहा कि इनवेसटर समिट के दौरान कितने एमओयू हुए थे और कितने अभी तक धरातल पर उतरे हैं।
इनवेस्टर समिट पर श्वेत पत्र लाने की मांग
वहीं कांग्रेस की नेता अराधना मिश्रा ने कहा कि सरकार को जीआईएस में हुए निवेश और एमओयू को लेकर सदन में एक श्वेत पत्र लाना चाहिए। सरकार सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है। सरकार को गंभीरता से इस बात को बताना चाहिए कि यूपी में हुई इनवेस्टर समिट के बाद धरातल पर क्या स्थिति है।
इनवेस्ट समिट के सवालों का नंदी ने दिया जवाब
इसका जवाब सरकार की तरफ से औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल नंदी ने दिया। नंदी ने कहा कि यूपी में इस साल ग्लोबल इनवेस्टर समिट का आयोजन किया गया था जबकि इससे पहले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन किया। इनवेस्टर समिट में यूपी में 19 हजार के एमओयू साइन हुए थे और करीब 33 लाख करोड़ के निवेश का प्रस्ताव मिला था। सरकार पूरे प्रदेश में खुशहाली लाने का काम कर रही है। पिछली सरकारों में गुंडे और माफियाओं के डर से लोग यूपी में निवेश के लिए नहीं आते थे लेकिन अब यूपी का माहौल बदल गया है। लोग यहां निवेश करना चाहते हैं। यूपी में सभी 75 जिलों में इनवेस्टर समिट का आयोजन किया गया था।
सपा विधायक रागिनी सोनकर ने सरकार को घेरा
प्रश्नकाल के अलावा सपा की रागिनी सोनकर ने सरकार से जानना चाहा कि यूपी में खिलाड़ियों को क्या सुविधाएं दी जाती थी। इसका जवाब सरकार की ओर खेल मंत्री गिरीश यादव ने दिया। यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछले 6 साल में खिलाड़ियों के लिए काफी काम किया है। खेलो इंडिया खेलो के तहत पूरे यूपी में विकास किया जा रहा है।
खेल मंत्री गिरीश यादव ने रागिनी को दिया जवाब
खेल मंत्री ने कहा कि यूपी में हर ब्लॉक स्तर पर स्टेडियम बनाने के प्रयास चल रहे हैं। सरकार ने मेरठ में मशहूर खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर एक स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय खोलने का काम किया जा रहा है। सरकार ने पिछली सरकार में खिलाड़ियों को मिल रहे प्रोत्साहन राशि में भी भारी बढ़ोत्तरी करने का काम किया है। इससे खिलाड़ियों को काफी सुविधा मिल रही है।












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