UP Rain Alert: लखीमपुर से मुजफ्फरनगर तक भारी बारिश की चेतावनी, जानें कब कहां बरसेंगे बादल
UP Rain Alert: उत्तर प्रदेश में आखिरकार मॉनसून ने पूरी रफ्तार पकड़ ली है। बीते कुछ दिनों से जहां धूप-छांव की आंखमिचौली जारी थी, वहीं अब आसमान ने राहत की चादर तान दी है। शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में उमस और गर्मी का दौर था, लेकिन अब मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिन भारी बारिश और तेज़ हवाओं के नाम रह सकते हैं।
शनिवार की शाम से मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे थे, और अब वैज्ञानिकों ने प्रदेश के 55 से अधिक जिलों में जोरदार बारिश का अनुमान जताया है। रविवार से लेकर बुधवार तक लखीमपुर खीरी, बरेली, मुरादाबाद, झांसी, बिजनौर और पीलीभीत समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पिछले 24 घंटे में सोनभद्र के घोरावल में सबसे अधिक 136 मिमी वर्षा दर्ज की गई, वहीं श्रावस्ती में 110 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने 15 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बुंदेलखंड से लेकर पश्चिमी यूपी तक बारिश का तगड़ा असर
अमौसी स्थित मौसम विभाग केंद्र के मुताबिक, प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में शनिवार से ही बारिश के अनुकूल हालात बनने लगे थे। मध्य प्रदेश के उत्तर हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बनते ही यूपी के दक्षिणी जिलों में भी बादल सक्रिय हो गए।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सोमवार से लेकर बुधवार तक कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यानी आने वाले दिन घर से बाहर निकलने वालों के लिए सावधानी बेहद जरूरी है।
किन जिलों में भारी बारिश का खतरा?
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट में जिन जिलों के नाम शामिल हैं, उनमें लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर प्रमुख हैं।
इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, चंदौली, गाजियाबाद, मेरठ और नोएडा जैसे शहरों में भी अगले कुछ दिनों में मूसलधार बारिश की संभावना जताई गई है।
लोगों को क्या बरतनी चाहिए सावधानी?
बारिश के इस दौर में सबसे ज्यादा जरूरी है सतर्कता। तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बौछारें न सिर्फ ट्रैफिक को प्रभावित करेंगी, बल्कि पेड़ों के गिरने और बिजली से जुड़े खतरों को भी बढ़ा सकती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और मौसम अपडेट्स पर नज़र बनाए रखें।
इसके साथ ही किसान समुदाय को भी सुझाव दिया गया है कि खेतों में पानी भराव से फसलों को बचाने के लिए उचित व्यवस्था पहले से कर लें। शहरों में जलभराव की स्थिति से बचने के लिए निकायों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
बारिश की सक्रियता का असर तापमान पर भी पड़ा है। शनिवार को जहां अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री रहा। बारिश के बाद इन आंकड़ों में और गिरावट की उम्मीद की जा रही है, जिससे गर्मी से राहत मिलने की पूरी संभावना है।












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