UP News: सदन में विपक्ष ने मणिपुर हिंसा को लेकर जमकर किया हंगामा, कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित
यूपी विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन जमकर हंगामा हुआ। हंगामे की स्थिति को देखते हुए सदन की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
UP Vidhansabha: उत्तर प्रदेश में सोमवार को विधानसभा का मानसून सत्र हंगामे के बीच शुरू गया। 11 अगस्त तक चलने वाले सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी (समाजवादी पार्टी) और कांग्रेस के सदस्यों ने मिलकर जमकर हंगामा किया। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही 12 बजे आधे घंटे के लिए और फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा
विधानसभा में सदन की कार्यवाही जैसे ही 11 बजे शुरू हुई, सपा और कांग्रेस के सदस्य वेल अध्यक्ष के आसन के समीप आकर हंगामा करने लगे। दोनों दलों की तरफ से इस हंगामे के दौरान सदन में मणिपुर हिंसा को लेकर निंदा प्रस्ताव पास करने की मांग की गई लेकिन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि सदन के भीतर दूसरे राज्यों के मुद्दों पर चर्चा करना सही नहीं है। यह गलत परम्परा होगी।
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विपक्ष ने की मणिपुर हिंसा पर चर्चा की मांग
महाना ने कहा, '' हमारे पास समय है कि हम प्रदेश के मुद्दों पर अपनी बात रखें। जनता के मुद्दों पर सरकार बहस के लिए तैयार है। आज मांग की जा रही है कि मणिपुर में हुई हिंसा पर चर्चा हो, कल कहा जाएगा कि केरल पर चर्चा हो। यह सब यहां नहीं होना चाहिए। हम यहां यूपी की जनता के मुद्दों पर बात कर सकते हैं।''
कांग्रेस की अराधना मिश्रा ने उठाया मामला
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के इस बयान के बाद कांग्रेस की तरफ से सदन की नेता अराधना मिश्रा मोना ने कहा कि मणिपुर की हिंसा से पूरा देश स्तब्ध है। उसपर चर्चा होनी चाहिए खासतौर से तब जब महिलाओं को लेकर ऐसा हुआ है। पुरी दुनिया में मणिपुर हिंसा की चर्चा हो रही है।
अखिलेश ने मणिपुर हिंसा पर निंदा प्रस्ताव लाने की मांग
लेकिन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इस मांग को खारिज कर दिया। महाना के कड़े रुख के बाद सदन में विपक्ष के नेता अखिलेश यादव ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मणिपुर हिंसा को लेकर सदन में चर्चा कराने की बजाए सरकार इसको लेकर निंदा प्रस्ताव पारित कर सकती है। मुख्यमंत्री योगी के पास एक बड़ा अवसर है कि वह डबल इंजन की सरकार को चरितार्थ करते हुए इस पर अपनी बात रखें। हालांकि मुख्यमंत्री के सामने कई तरह की मजबूरियां हैं।
सुरेश खन्ना ने लगाया विपक्ष पर आरोप
अखिलेश के इस बयान पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विपक्ष जानबूझकर सदन को गुमराह करने में जुटा है और अपना उल्लू सीधा करना चाहता है। विपक्ष तब निंदा प्रस्ताव क्यों नहीं पारित करता जब कैराना और शामली में हत्याएं होती हैं। योगी सरकार के कामकाज का डंका दूसरे राज्यों में भी बज रहा है और यही वजह है कि आज दूसरे प्रदेश भी योगी मॉडल को स्वीकार करने की बात कर रहे हैं।
शोर शराबे के बीच सदन में रखे गए कई अहम विधेयक
हालांकि शोर शराबे के बीच ही विधानसभा के पटल पर कई महत्वपूर्ण विधेयक रखे गए। सतीश महाना ने कई बार विपक्ष के सदस्यों को चुप कराने की कोशिश की लेकिन सपा के सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। पूरे प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष की नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही चलती रही और विधायी कार्य निपटाया गया। स्थिति को देखते हुए संसदीय कार्यमंत्री के आग्रह पर सदन की कार्यवाही को विधानसभा अध्यक्ष ने मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
अतीक और अशरफ को दी गई श्रद्धांजलि
इस बीच सदन में पहले दिन पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि भी दी गई जिसमें अतीक और अशरफ भी शामिल थे जिनकी प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हालांकि इन दोनों के साथ ही कई अन्य दिवंगत सदस्यों की याद में दो मिनट का मौन रखकर सदन ने शोक व्यक्त किया।
इन दिवंगत सदस्यों की याद में रखा गया मौन
सदन ने पूर्व विधायक स्वर्गीय सत्तार अंसारी,अमर सिंह, प्रेम प्रकाश सिंह,रणधीर सिंह, सुजान सिंह बुंदेला , शारदा प्रताप शुक्ला, हरिशंकर तिवारी,अवनीश कुमार सिंह,हरिद्वार दुबे, अबरार अहमद, खालिद अजीम अशरफ , अतीक अहमद,को श्रृद्धांजलि अर्पित की।












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