UP Nikay Chunav: कांग्रेस से 'तलाक', नामांकन से पहले निकाह और आजम के गढ़ में AAP को जीत का तोहफा
UP Nikay Chunav Rampur:रामपुर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष चुनी जाने वाली AAP की सना खानम की शादी ही चुनाव लड़ने के लिए हुई थी। उन्होंने आजम के गढ़ में भाजपा-सपा दोनों को धो डाला।

UP Nikay Chunav Rampur Nagar Palika Parishad result: उत्तर प्रदेश का रामपुर शहर कुछ राजनीतिक वजहों से पूरे देश में चर्चित रहता आया है। लेकिन, इस बार यूपी निकाय चुनाव में वहां कुछ अलग हटकर हुआ है और जो भी हुआ है, वह बड़ा दिलचस्प मामला है। यह कुछ इस तरह का है कि एक अच्छी पटकथा लिखी जा सकती है।
कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता का हुआ मोहभंग
कांग्रेस के 45 साल के एक कार्यकर्ता 25 सालों तक पार्टी के लिए जी-जीन से समर्पित रहे, लेकिन उनका कहना है कि कांग्रेस की ओर से उसे नजरअंदाज कर दिया गया। आखिरकार उनका पार्टी से मोहभंग होना स्वाभाविक था। इसके बाद सबकुछ फास्ट फॉरवर्ड मोड में हुआ।
महिला के लिए रिजर्व हुई सीट तो शादी कर ली
इस बार के यूपी निकाय चुनाव को लेकर जब उन्हें मालूम हुआ कि रामपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष की सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई है तो शुरू में वह मायूस हुए। लेकिन, फौरन प्लान बी तैयार किया और नामांकन खत्म होने से ठीक दो दिन पहले 15 अप्रैल को शादी रचा ली।
सना खानम को 43,115 वोट मिले
अपनी 36 साल की नई-नवेली पत्नी को उन्होंने महिला सीट से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतारा। शनिवार को जब वोटों की गिनती हुई तो ममून शाह की बीवी सना खानम को 43,115 वोट मिले, जिसने सबको चौंका दिया।
दो दशकों से सपा के पास थी यह सीट
सना ने भाजपा उम्मीदवार डॉक्टर मुसर्रत मुजीब को 10,958 वोटों से हराया और सपा के दिग्गज आजम खान के गढ़ में आम आदमी पार्टी को पहली जीत दिलाकर इतिहास रच दिया। रामपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष की सीट पिछले दो दशकों से सपा के पास थी।
खुद लड़ना चाहते थे चुनाव
इस बार के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 32,157 वोट मिले और समाजवादी पार्टी की फातिमा जाबी को सिर्फ 16,269 वोट ही मिल पाए। ममून शाह ने टीओआई को बताया, 'सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में मैंने वर्षों कड़ी मेहनत की है और इस बार सक्रिय राजनीति में आने का फैसला किया था। लेकिन, आखिरी वक्त में जिस सीट के लिए मैंने सोचा था, वह् महिला के लिए आरक्षित हो गई।'
'यह सबकुछ बहुत ही अचानक हुआ'
उन्होंने बिल्कुल ही समय नहीं गंवाया और अपने 'सपने' को पूरा करने के लिए तुरंत शादी करने का फैसला कर लिया। वो बोले, 'यह सबकुछ बहुत ही अचानक हुआ। असल में ऊपर वाले ने मेरी योजना बनाई और मुझे मेरी जीवन साथी मिल गई जो कि मेरी तरह ही सोचती है।'
'कांग्रेस ने सना को टिकट देने से मना कर दिया था'
नव विवाहित जोड़े को शुरू में मायूसी हाथ लगी। कांग्रेस ने 'नौसिखिए को टिकट देने से मना कर दिया। ' शाह के मुताबिक, 'जैसा कि मैं कहता हूं, सबकुछ पहले से तय है.....मेरे शुभचिंतक और दोस्त फैसल लाला (आम आदमी पार्टी के रामपुर जिलाध्यक्ष) ने मेरी पत्नी को आम आदमी पार्टी का प्लेटफॉर्म दिया और हमलोग राजी हो गए।'
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'वोटरों की ओर से शादी का सबसे बड़ा तोहफा है'
सना पीजी की हुई हैं और रामपुर की ही रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी जीत को लेकर कहा है, 'वोटरों की ओर से शादी का सबसे बड़ा तोहफा है।' अपने शौहर को इसका श्रेय देते हुए वो बोलीं, 'यह सबकुछ उनकी वजह से हुआ है। वह सोशल वर्क में ऐक्टिव हैं। उनके प्रस्ताव पर मैंने तत्काल हामी भर दी।'












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