UP: मिहिर भोज को लेकर गूर्जर समुदाय की Gaurav Yatra ने पश्चिमी यूपी में बढ़ाई BJP की टेंशन
Gaurav Yatra on king Mihir Bhoj: 2024 के लोकसभा चुनाव में जुटी बीजेपी के लिए पश्चिम की गौरव यात्रा टेंशन देने वाली साबित हो रही है। बीजेपी आलाकमान ने नेताओं को इसपर नजर रखने को कहा है।

Gaurav Yatra on king Mihir Bhoj: लोकसभा चुनाव से पहले यूपी में राजा मिहिर भोज विवाद एक बार फिर गरमाने लगा है। मिहिर भोज को लेकर गूर्जर समाज पश्चिम यूपी में गौरव यात्रा निकाल रहा है। इस यात्रा के दौरान सहारपुर में दो समुदायों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद से ही बीजेपी ने पश्चिमी यूपी में अपने नेताओं से इस पूरे मामलों को सावधानी से संभालने की सलाह दी है।
गौरव यात्रा ने बढ़ाई बीजेपी की टेंशन
9वीं शताब्दी के राजा मिहिर भोज की 'गौरव यात्रा' निकालने वाले गुर्जर समुदाय को लेकर सहारनपुर में हुए उग्र विवाद के बाद यूपी में भाजपा के नेताओं की टेंशन बढ़ा दी है। इस घटना ने ठाकुर समुदाय की तरफ से भी प्रतिक्रिया हुई है। दरअसल मिहिर भोज की विरासत को लेकर क्षत्रिय समुदाय भी अपने दावे ठोंकता है जबकि गूर्जरों का दावा है कि मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार वंश से थे और वही उनके वंशज हैं।
दोनों समुदायों के नेताओं को मैदान में उतारा
बीजेपी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि राज्य नेतृत्व ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अपनी संगठनात्मक मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। पार्टी का मानना है कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील पश्चिमी यूपी क्षेत्र पर खतरा मंडरा रहा है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी की पश्चिम यूपी इकाई को आंदोलनकारियों को शांत करने के लिए दोनों समुदायों के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संगठनात्मक नेताओं को शामिल करने के लिए कहा गया है।
दोनों समुदायों की लड़ाई में बीजेपी का बड़ा नुकसान
भाजपा नेता स्वीकार करते हैं कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले इसके बड़े राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए यह स्थिति चिंता का कारण बनी हुई है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "यह एक ऐसा मामला है जिसे चतुराई से और सावधानी से संभालने की जरूरत है। पार्टी कार्यकर्ताओं को रणनीतिक रूप से स्थिति का आकलन करने और आलाकमान को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।
दो साल पहले शुरू हुआ था मिहिर भोज विवाद
लगभग दो साल पहले मिहिर भोज की एक मूर्ति पर 'गुर्जर' शब्द अंकित होने के बाद इसी तरह का तनाव गौतमबुद्ध नगर में फैला हुआ था। भोज की प्रशंसा करने का दावा करने वाले ठाकुर समुदाय ने बाद में 'गुर्जर' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी।
मिहिर भोज मामले को लेकर सतर्क है बीजेपी
भाजपा सूत्रों ने कहा कि क्षेत्र में दोनों समुदायों के महत्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक महत्व को देखते हुए पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर सावधानी बरत रही है। भाजपा को हाल ही में उस समय चुनावी झटके का सामना करना पड़ा था जब उसके उम्मीदवार राजकुमार सैनी खतौली में सपा समर्थित रालोद उम्मीदवार मदन भैया से उपचुनाव हार गए थे। मदन भैया गुर्जर समाज से आते हैं।
अतुल प्रधान ने संगीत सोम को हराया था
वहीं इस बार सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान हैं, जो एक गुर्जर भी हैं, जिन्होंने कथित तौर पर सहारनपुर में आंदोलन का नेतृत्व किया था। प्रधान ने 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के फायरब्रांड ठाकुर नेता संगीत सिंह सोम को हराया था।












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